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पांच-पांच हजार में बेच दिए अखिलेश के लैपटॉप

Tue, 04 Jun 2013 11:32 AM IST
नोएडा/सोमदत्त शर्मा
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मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप प्राप्त करने वाले कुछ छात्र चंद घंटे बाद ही बाजार में इन्हें लेकर पहुंच गए। पैसों की चाह ऐसी थी कि 19 हजार के इस लैपटॉप को छात्र 5000 रुपये में बेचने की बात कहते पाए गए।
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दुकानदारों ने कहा कि अगर इसका सॉफ्टवेयर बदल गया तो कीमत अच्छी मिल सकती है, नहीं तो सेकेंड हैंड में जाएगा। नमूने के तौर पर एक दुकानदार ने लैपटॉप रख भी लिया है।

कुछ छात्रों ने लैपटॉप अपने वरिष्ठ छात्रों को बेच दिए। नाम न छापने की शर्त पर लैपटॉप बेचने वाले छात्र ने बताया कि मेरे पास पहले से ही लैपटॉप है। इसकी जरूरत नहीं थी तो दोस्त को बेच दिया है।
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केवल लैपटॉप के लिए लिया दाखिला

पांच कॉलेजों के सैकड़ों छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ लैपटॉप लेने के लिए ही दाखिला लिया है। इनमें से कई ने तो परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा है तो कई छात्र वार्षिक परीक्षाओं में ही नहीं बैठे।

राजकीय डिग्री कॉलेज से ही करीब ऐसे 15 से 20 छात्रों ने लैपटॉप प्राप्त किए हैं।

सूत्रों के अनुसार इस तरह के छात्रों का दाखिला लेने का उद्देश्य सिर्फ लैपटॉप पाने के जरूरी नियमों को पूरा करना था ताकि लैपटॉप मिलने में दिक्कत न आए।

एक कॉलेज के अध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छात्रों ने सिर्फ लैपटॉप पाने के लिए ही खेल किया है। छात्रों ने दाखिला लेकर सिर्फ आईकार्ड प्राप्त कर लिया।

जब परीक्षा का नंबर आया तो फॉर्म नहीं भरा या फिर परीक्षा नहीं दी।

लेकिन इनकी संख्या कितनी है यह परीक्षा देने वाले और लैपटॉप लेने वालों छात्रों की सूची मिलान करने के बाद ही पता चलेगी। चालबाज छात्रों की संख्या कहीं कम तो कहीं ज्यादा भी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि 2012 में जब सरकार ने लैपटॉप के लिए फॉर्म भरवाए थे। तब नियम था कि छात्र 12वी में पढ़ाई कर रहा हो, साथ ही लैपटॉप दिए जाते समय भी अध्ययनरत हो।
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इसी नियम को पूरा करने के लिए जिले के सैकड़ों छात्रों ने प्रवेश लिया, जो कि सरकार को चकमा देकर अपने मकसद में कामयाब भी हो गए।
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