मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के पुख्ता संकेत दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली का संकट गंभीर है और उससे निबटने के लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
पावर कारपोरेशन हजारों करोड़ के घाटे में चल रहा है। जो अच्छी व्यवस्था करेगा विद्युत वितरण का काम उसे सौंपा जाएगा।
उन्होंने वाराणसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने और भदोही जिले के दो फ्लाईओवर के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति देने का वादा किया।
वाराणसी में छात्रों को लैपटॉप बांटने आए मुख्यमंत्री ने बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में इस समय सबसे बड़ा संकट बिजली का है।
पूर्व की बसपा सरकार पावर कारपोरेशन को 25 हजार करोड़ के घाटे में छोड़कर गई है। बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कई कदम उठाने पड़ेंगे।
लोगों को सोचना है कि वह अच्छी व्यवस्था चाहते हैं या फिर पुराने ढर्रे पर ही चलना चाहते हैं। बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए पैसों की जरूरत है। सामानों की खरीद के लिए व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
वाराणसी को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का वादा करते हुए उन्होंने कहा कि भदोही, वाराणसी, चंदौली में पुल, सड़क और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए जितने पैसों की जरूरत होगी, सरकार देगी।
छात्रों को लैपटॉप देने सहित प्रदेश सरकार के वादों के बारे में उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को भरोसा नहीं था कि सरकार अपना वादा पूरा करेगी।
लैपटॉप मिलने के बाद स्टूडेंट्स अपना भविष्य बना सकेंगे। उन्हें रोजगार के अवसर अधिक उपलब्ध होंगे। छात्र आगे बढ़ेंगे तो यूपी से कोई मुकाबला नहीं कर सकेगा।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों के हित में गन्ना और गेहूं की कीमत बढ़ाने का वादा पूरा किया। इससे पूर्व लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि छात्र बिना टेक्नालॉजी के आगे नहीं बढ़ सकते। सरकार ने अपना वादा पूरा किया है।