अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाये रखने को सूबे में पुलिस मैन पावर की कमी की गंभीर समस्या से जूझ रही है।
पुलिस, अग्निशमन सेवा, लेखपाल, कानूनगो और ग्राम विकास अधिकारी के 40 से 60 फीसदी तक पद रिक्त चल रहे हैं।
अकेले पुलिस में सब इंस्पेक्टर रैंक पर 13 हजार पद रिक्त हैं। इन हालात से पार पाने को सरकार अगले हफ्ते से पुलिस, पीएसी और अग्निशमन सेवा में क्रमश: सब इंस्पेक्टर (एसआई), प्रमुख कमांडर और सेकेंड आफिसर पद पर बड़ी संख्या में भरती की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
बुधवार को बरेली में सूबे के प्रमुख सचिव (गृह) आरएम श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। वह डीजीपी देवराज नागर के साथ यहां बरेली मंडल में अपराध और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू थे।
उन्होंने बताया कि इस समय सूबे में एसआई के 19 हजार पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष इनकी संख्या 7800 ही है। इनमें कुछ के प्रमोशन और रिटायरमेंट हो रहे हैं। अगले कुछ दिनों में यह संख्या महज छह हजार ही रह जायेगी।
इसीलिये अगले हफ्ते से पहले चरण में शुरू हो रही भर्ती प्रक्रिया में चार हजार नियुक्तियां होगी। बाद में और करीब पांच हजार की भर्ती की जाएगी।
इसके अलावा 3300 लोग प्रशिक्षित होकर गत कुंभ मेले में ड्यूटी भी कर चुके हैं पर उनकी नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। उसे हटाने को पहल जारी है।
इसी के साथ अब सूबे के 1600 दरोगाओं का इंस्पेक्टर बनने का सपना साकार होने जा रहा है। प्रमुख सचिव (गृह) ने इससे प्रदेश में इंस्पेक्टरों की कमी दूर हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि अगले साल के अंत तक हर तहसील मुख्यालय पर एक फायर स्टेशन होगा।
बरेली समेत नगर निगम वाले शहरों में इस साल के आखिर तक चौबीसों घंटे त्वरित सुरक्षा और सहायता को अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम खुलेगा।
यह सीसीटीवी युक्त होगा। यहां तैनात पुलिस वाहन में फर्स्ट एड किट होगा।