अमर उजाला के अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल के तहत मंगलवार को विकास भवन के द्वाकरा भवन में महिला सशक्तिकरण पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष बबिता सिंह ने कहा कि महिलाओं को हक के लिए आगे आना होगा। महिलाएं अपनी ताकत समझें और समाज में बराबरी का हक हासिल करें।
विकास भवन में मंगलवार को महिला सशक्तिकरण की दिशा में आयोजित महिलाओं के अधिकार विषय पर परिचर्चा हुई। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष बबिता सिंह ने कहा कि महिलाओं को अधिकार प्राप्त करने के लिए अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक जो महिलाएं घर की दहलीज से बाहर नहीं निकल पाती थीं, वह आज नौकरी और व्यवसाय कर रही हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि महिलाओं को समाज से जो सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए वह अभी पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया है। उन्होंने इसके लिए महिलाओं से आगे आने का आह्वान किया।
सुशीला शुक्ला ने महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि यह अलग बात है कि बराबरी का दर्जा देने का दावा किया जा रहा है, मगर ग्रामीण इलाकों में अभी बहुत सी विसंगतियां हैं, जिससे गांव की महिलाएं अभी भी घर से बाहर निकलने में असहज महसूस करती हैं। महिला कर्मचारी नेता अनीता ने कहा कि समाज की सोच बदल रही है।
पहले लोग महिलाओं के नौकरी करने में अपनी बेइज्जती महसूस करते थे, मगर अब गर्व का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर और परिवार में सामंजस्य बनाकर आगे बढ़ें। इससे परिवार के साथ ही समाज का भी उत्थान होगा। इस मौके पर महिलाओं ने समाज के कदम से कदम मिलाकर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर पूनम, गरिमा, शीला किरण, सीमा, कल्पना, ममता, वंदना, रंजना, अप्सरा, माधुरी, मीरा, जानकी, सरिता प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।