जिलेभर में धान की रोपाई शुरू हो गई है, मगर समितियों में खाद का टोटा है। कई समितियों में डीएपी, यूरिया, सल्फर, जिंक का स्टाक नहीं है। किसान समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। बारिश के बाद धान की रोपाई रफ्तार पकड़ेगी। अगैती फसलों की टॉप ड्रेसिंग भी की जाएगी। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी उदासीन बने हैं।
जिले में इस बार 98 हजार हेक्टेअर धान की रोपाई का लक्ष्य है। इस बार करीब चार हजार हेक्टेअर धान की रोपाई का लक्ष्य बढ़ा है। जून माह में बारिश होने से अगैती नर्सरी तैयार करने वाले किसानों ने रोपाई कर दी है। अब वह बारिश के बाद टॉप ड्रेसिंग की तैयारी में हैं। जुलाई माह की शुरुआत से ही रोपाई शुरू हो गई। नहरों से खेत में पानी की व्यवस्था कर किसान रोपाई कर रहे हैं, मगर समितियों में खाद की किल्लत रोपाई में बाधा बन रही है। साधन सहकारी समितियों एवं खाद की पंजीकृत दुकानों पर खाद का टोटा है।
समितियों में यूरिया, डाई, सल्फर व जिंक कुछ भी नहीं है। रानीगंज तहसील क्षेत्र की साधन सहकारी समिति रामापुर, पटहटिया कला, पाली, नारायणपुर, सुल्तानपुर, कौलापुर नंदपट्टी समितियों में खाद न होने के कारण किसान परेशान हैं। यही हाल साधन सहकारी समिति खूझीकला बेलखरनाथ, जगदीशगढ़, ईशनपुर, सांगापट्टी, श्रीनाथपुर का है। यहां भी खाद की किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि दोपहर बाद समितियों में ताला लटक जाता है।
ऐसे में किसान निराश लौट रहे है। यही हाल मानधाता, पट्टी सहित सभी ब्लाकों में है। क्षेत्र के किसान मम्मन तिवारी, रामआसरे मिश्र, शेष बहादुर सिंह का कहना है कि बारिश होने पर धान की रोपाई रफ्तार पकड़ेगी। अगैती फसलों की टॉप ड्रेसिंग भी शुरू हो जाएगी। समय रहते ही यदि खाद का स्टॉक नहीं बढ़ाया गया तो दिक्कत खड़ी हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि समितियों में उर्वरक का स्टॉक पहुंचाया जा रहा है। खाद की दिक्कत नहीं आने पाएगी।