जिले में दो दिनों के भीतर डेंगू के पांच नए केस सामने आए हैं। अब जिले में डेंगू पॉजीटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन हैं। गांवों में डेंगू सहित संचारी रोगों से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। अस्पतालों में बनाए गए डेंगू वार्डों में ताला लटक रहा है। संचारी रोग कंट्रोल रूम बंद हो गया है।
संचारी रोग डेंगू पर काबू पाने के लिए शासन ने अलर्ट घोषित किया है। लोगों को बचाने के लिए शासन ने ग्राम प्रधानों को भी जिम्मेदारी दी है। गांवों में साफ-सफाई के साथ ही दवाओं का छिड़काव करने के लिए प्रधानों को जिम्मेदारी मिली है।
शासन ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रधानों को दो किस्तों में 20-20 हजार रुपये का बजट देने को कहा है, मगर सीएमओ ने बजट डंप कर रखा है। इससे न तो दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और न ही फॉगिंग कराई जा रही है। इससे डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में ताला लटक रहा है।
खाता बंद होने के कारण प्रधानों को धनराशि अभी तक नहीं भेजी जा सकी है। जल्द ही खाता प्रधानों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। वार्ड में ताला लगे होने की जानकारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को दी जाएगी।
डॉ. एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ