जिले में कक्षा एक से बारह तक के स्कूल खुल गए हैं, मगर मदरसों में अभी भी ताले लटक रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के औचक निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ। उन्होंने दो मदरसों का निरीक्षण किया, मगर न तो शिक्षक मिले और न ही बच्चे। उन्होंने शिक्षकों के मानदेय भुगतान पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिले के इंटर कॉलेजों और मदरसों को 16 अगस्त से खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अभी भी मदरसों में पढ़ाई प्रारंभ नहीं हुई है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन तिवारी ने बृहस्पतिवार सुबह 9.40 बजे मदरसा वीर अब्दुल हमीद माडर्न शिक्षण संस्थान एवं मदरसा हिदायत उलूम भावापुर का औचक निरीक्षण किया।
दोनों मदरसे बंद मिले। परिसर में बड़ी-बड़ी घासें उगी थीं और जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा था। इस पर डीएमओ ने नाराजगी प्रकट करते हुए मदरसे में तैनात शिक्षकों के मानदेय भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही नोटिस जारी कर सप्ताह भर में स्पष्टीकरण तलब किया है।