निर्दलीय विधायक राजा भैया
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सत्ताधारी दल भाजपा व अपना दल एस गठबंधन ने 14 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के विधानसभा वाले ब्लॉक आसपुर देवसरा में भाजपा प्रत्याशी कमलाकांत यादव को जीत मिली। उन्होंने पूर्व प्रमुख सभापति यादव की बहू सपा प्रत्याशी सुषमा यादव को हराया। जबकि कैबिनेट मंत्री के बेटे राजीव प्रताप सिंह मंगरौरा, भतीजे राकेश सिंह पट्टी व मंत्री के करीबी सुशील सिंह बेलखरनाथधाम से पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। लक्ष्मणपुर से भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता सिंह भी निर्विरोध चुनी गईं।
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के शिवगढ़ से भाजपा विधायक के भतीजे सत्यम ओझा ने सपा प्रत्याशी शमा परवीन को पराजित किया। गौरा में भाजपा प्रत्याशी सुमित्रा ने सपा प्रत्याशी शोभा को हराया। वहीं अद एस के खाते में गई मानधाता व संडवाचंद्रिका सीट पर उतारे गए प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा। मानधाता से जनसत्ता दल समर्थित प्रत्याशी मोहम्मद इसरार व संडवाचंद्रिका से राधा देवी को जीत हासिल हुई। सदर में भी भाजपा प्रत्याशी शोभा देवी को जनसत्ता दल समर्थित प्रत्याशी शेषा सिंह से हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस के गढ़ रामपुर खास में दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी व विधायक आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा प्रत्याशियों को धूल चटाते हुए अपने क्षेत्र की तीनों सीटों पर कब्जा बरकरार रखा। लालगंज से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अमित सिंह ने भाजपा की नीतू सिंह को पराजित किया। वहीं सांगीपुर से अशोक सिंह ने भाजपा के ओमप्रकाश पांडेय को हराया। जबकि रामपुर संग्रामगढ़ की सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नीतू सरोज पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। कुंडा से जनसत्ता दल के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरी रीता सिंह ने सपा की उर्मिला को हराकर कुर्सी पर कब्जा किया।
कालाकांकर ब्लॉक से जनसत्ता दल के रमेश ने भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सोनकर को हराया। बाबागंज में जनसत्ता दल की प्रत्याशी मालती देवी भाजपा की रोशनी को पराजित कर ब्लाक प्रमुख चुनी गईं। बिहार से जनसत्ता दल की सुशीला देवी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। शनिवार को मतदान के दौरान देवसरा ब्लॉक में सपा प्रत्याशी सुषमा यादव के समर्थकों ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए बवाल कर दिया। उग्र होकर बैरियर तोड़ डाला और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे।
आक्रोशित सपाइयों ने थाने को घेर लिया। पुलिसकर्मियों की बाइक को चकनाचूर कर दिया। इस दौरान बैकफुट पर नजर आई। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ करीब दस राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। तब जाकर उपद्रव करने वाले पीछे हटे। सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी व प्रभारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। उनकी देखरेख में मतगणना प्रारंभ हो सकी। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि बवाल करने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।