डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रताप बहादुर चिकित्सालय महिला विंग में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन पर पाबंदी लगा दी गई है। वजह ऑपरेशन के दौरान प्रयोग होने वाला ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और धागा अस्पताल के स्टोर रूम में नहीं है। ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को इंजेक्शन व दवा बाहर से मंगानी पड़ रही थी।सीएमएस ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
प्रसव पीड़िता महिलाओं को ऑपरेशन के दौरान ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाया जाता है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए अच्छे धागे का प्रयोग किया जाता है। प्रताप बहादुर चिकित्सालय के महिला विंग में आक्सीटोसिन इंजेक्शन के साथ ही धागा करीब पंद्रह दिन से खत्म है। सीएमएस डॉ. रीना प्रसाद ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उनके अवकाश पर जाते ही डॉ. एसके पांडेय को सीएमएस का चार्ज मिला।
अस्पताल के आपरेशन थियेटर में धागा और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन न होने पर स्टोर को इंडेन भेजा। मगर दोनों सामान उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में बुधवार रात दो ऑपरेशन करने के बाद सीएमएस ने ओटी को बंद करा दी। ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने मामले की जानकारी प्राचार्य, सीएमओ के साथ ही जिलाधिकारी को भी भेज दी है।
ऑपरेशन से प्रसव के बाद आक्सीटोसिन इंजेक्शन का उपयोग जरूरी होता है। इंजेक्शन खत्म हो गया था। मरीजों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसलिए ऑपरेशन करने पर रोक लगाई गई है। इंजेक्शन और धागा नहीं है, यह जानकारी प्राचार्य, सीएमओ के साथ डीएम को भी दी जा चुकी है। डॉ. एसके पांडेय, सीएमएस।
जानकारी होने पर मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में धागा और इंजेक्शन दोनों मुहैया कराया जा रहा है। यदि कोई चिकित्सक मरीज से ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगे और बाहर से इंजेक्शन व धागा मंगाए तो उसकी शिकायत करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. आर्य देश दीपक, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।