Land received after two years for eight Ayurvedic hospitals
जिले में आठ आयुर्वेदिक अस्पतालों के लिए खोजने पर भी जमीन नहीं मिल रही थी। लगातार पत्राचार के बाद भी राजस्व विभाग जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा था। अब आठ ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध करा दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही अस्पताल भवनों का निर्माण शुरू होगा।
जिले में आयुर्वेद एवं यूनानी को मिलाकर कुल 60 अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इनमें से महज दस के पास ही अपना भवन है। आयुर्वेद विभाग दो वर्षों से अस्पताल भवनों के लिए जमीन उपलब्ध कराने को प्रयासरत रहे।
शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी चिकित्साधिकारियों को प्रधान के साथ समन्वय बनाकर जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। जिसके बाद आयुर्वेद के आठ चिकित्साधिकारियों ने अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों व लेखपालों के साथ कई बार बैठक करते रहे। छीटपुर में जमीन उपलब्ध होते ही 25 बेड का अस्पताल तैयार करने की तैयारी प्रारंभ हो गई है।
वहीं बहलोलपुर, आसपुर देवसरा, सिंगाही, नसीरपुर, सिटी, पूरे धनऊ व अंतू में भी जमीन के लिए संबंधित ने सहमति पत्र दे दिया है। हालांकि अभी राजस्व विभाग ने चिन्हित जमीन को आयुर्वेद अस्पताल के नाम पर दर्ज नहीं किया है। क्षेत्रीय एवं यूनानी आयुर्वेदिक अधिकारी सरोज शंकर राम ने बताया आठ अस्पतालों के लिए जमीन मिल गई है। जल्द ही वहां निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।