सदर ब्लाक में हेल्प डेस्क पर कर्मचारी मौजूद थर्मल स्क्रीनिंग व सेनेटाइजर नहीं। संवाद
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शासन ने मंगलवार रात नई गाइडलाइन जारी करते हुए शासकीय कार्यालयों में बंद पड़ी कोविड हेल्प डेस्क को प्रभावी करने के लिए कहा है, लेकिन अधिकांश विभागों के कार्यालयों में हेल्पडेस्क कोरोना के बचाव वाले पोस्टरों के भरोसे है। कुछ हेल्प डेस्क पर अनुचर रजिस्टर पर लोगों के नाम दर्ज कर रहे हैं, लेकिन खुद उनके चेहरे पर मॉस्क नहीं दिखे। हेल्प डेस्क को प्रभावी नहीं करने से कोरोना का संक्रमण फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता।
शासन की ओर से मंगलवार रात जारी हुई नई गाइडलाइन में शासकीय कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क को प्रभावी कर आने-जाने वाले सभी लोगों का हाथ सैनिटाइजर से साफ करने, थर्मल जांच कर रजिस्टर पर नाम दर्ज करने के लिए कहा है। कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग कार्यालय में हेल्प डेस्क कोरोना से बचाव के लिए लगाए गए पोस्टरों के भरोसे चल रहे हैं। एसपी कार्यालय की कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों के चेहरे पर मॉस्क दिखा, लेकिन सैनिटाइजर नहीं था।
लोगों के चेहरे पर मॉस्क नहीं थे। विकास भवन, सदर ब्लॉक कार्यालय की कोविड हेल्प डेस्क पर बगैर मॉस्क लगाए कर्मचारी लोगों के नाम रजिस्टर में अंकित कर रहे थे। लेकिन किसी की थर्मल जांच करने के साथ सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं दिखी। अलग-अलग विभागों के जिम्मेदार अफसर जल्द ही कोविड हेल्प डेस्क को प्रभावी करने का दावा कर रहे हैं।
कोर्ट, कचहरी, डीएम कार्यालय में नियमों का कड़ाई से पालन
कचहरी में भीड़ को देखते हुए लाउडस्पीकर की मदद से लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की कोर्ट में फरियादियों, कर्मचारियों व अधिवक्ताओं के लिए मॉस्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बुधवार को कोर्ट के सभी गेटों पर सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराया जाता रहा। पेशी पर कोर्ट आये बंदियों की मुलाकात के दौरान भारी संख्या में आए परिजनों को लौटा दिया गया।
एसपीपी कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क पर जांच के इंतजाम नहीं। संवाद- फोटो : PRATAPGARH