परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अब खुले में मध्याह्न भोजन नहीं करेंगे। उनके लिए विद्यालय परिसर में ही डाइनिंग शेड का निर्माण कराया जाएगा। वह शेड में बैठकर मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) ग्रहण करेंगे। विभाग द्वारा परिषदीय विद्यालयों में डाइनिंग शेड बनाने की तैयारी है। इसके लिए प्रधानाध्यापकों से बच्चों की संख्या व विद्यालय की भौगोलिक स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।
जिले में 2034 प्राइमरी और 722 मिडिल स्कूल हैं। इन विद्यालयों में कुल 2.84 लाख बच्चे पढ़ते हैं। परिषदीय विद्यालयों में न सिर्फ पठन-पाठन की व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है, बल्कि सुविधाओं एवं संसाधनों बढ़ाए जा रहे हैं। क्लास में टाट-पट्टी के बजाय अब डेस्क व बेंच की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था में भी अब बदलाव दिखेगा। दरअसल, अभी तक बच्चे विद्यालय परिसर में खुले में बैठकर बैठकर या फिर फर्श पर मध्याह्न भोजन करते थे।
बच्चे डायनिंग शेड में व्यवस्थित होकर मध्याह्न भोजन ग्रहण करेंगे। उनके बैठने व भोजन की थाली रखने की व्यवस्था रहेगी। डाइनिंग शेड विद्यालय परिसर का खुला हिस्सा होगा। जिसमें टिनशेड डाली जाएगी। टिनशेड के नीचे सीमेंट की बेंच और मेज बनाई जाएंगी। इन बेंच और मेजों को पेंट भी किया जाएगा। बच्चे इस पर बैठकर मध्याह्न भोजन करेंगे।
चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों में डायनिंग शेड का निर्माण होगा। इसके लिए विद्यालयों से बच्चों की संख्या व भौगोलिक स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कुुमार सिंह ने बताया कि शासन से विद्यालयों में डायनिंग शेड के निर्माण लिए निर्देश आया है। अभी बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
1541 नए रसोईघरों का होगा निर्माण
1541 विद्यालयों में 10 वर्ष पूर्व बनाए गए रसोईघरों के स्थान पर नए रसोईघर बनाए जाएंगे। इनका निर्माण ग्राम पंचायत निधि के खाते से किया जाएगा। एमडीएम समन्वयक मो. इजहार ने बताया कि ग्राम पंचायत निधि से रसोईघर का निर्माण होगा।
mdm