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प्रतापगढ़ : गंगा एक्सप्रेस-वे से लालगंज व कुंडा के पिछड़े गांवों की बदलेगी तस्वीर 

Sun, 19 Dec 2021 04:07 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

दोनों तहसीलों के 45 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, जिले में कुल 44 किमी का होगा दायरा। व्यवसाय के बढ़ेंगे अवसर, अधिग्रहीत जमीन को व्यवसाय के लिए लीज पर देगा शासन। खुलेंगे पेट्रोलपंप, रेस्टोरेंट, होटल व दुकानें, 415 करोड़ रुपये दिया जा चुका है मुआवजा।
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गंगा एक्सप्रेस वे - फोटो : social Media
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विस्तार
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शाहजहांपुर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर जिले के लोगों को भी बड़ा तोहफा दिया है। जिले से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे से लालगंज व कुंडा के पिछड़े 45 गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे का दायरा करीब 44 किमी होगा। इसके लिए 472 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत होगी।

 

अब तक प्रशासन 419 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण कर चुका है। शासन इस परियोजना के माध्यम से व्यवसाय के लिए भी आम लोगों को जोड़ने का प्रयास करेगा। एक्सप्रेस-वे किनारे शासन अस्पताल, रेस्टोरेंट, होटल के साथ ही दुकानें भी खुलवाएगा। अधिग्रहीत जमीन लोगों को लीज पर दी जाएगी। जिस पर लोग अपना व्यवसाय कर सकेंगे। 

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जिले से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए लालगंज और कुंडा तहसील में 472 हेक्टेअर जमीन के लिए किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। जिले में 44 किमी तक गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य शरू कराने के लिए अफसरों ने कार्रवाई तेज कर दी है। गंगा एक्सप्रेस-वे से लालगंज तहसील के 12 और कुंडा के 33 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। कुल 45 गांवों के किसानों की 472 हेक्टेअर जमीन ली जानी है।

419 हेक्टेयर भूमि हो चुकी है अधिग्रहित
अब तक जिला प्रशासन 419 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत कर चुका है। इसके सापेक्ष 415 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद प्रभावित गांवों की तस्वीर बदलने वाली है। इन गांवों में परियोजना के माध्यम से व्यवसाय के अवसर बढ़ेंगे। आम लोगों को न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि सुविधाएं व संसाधन भी बढ़ जाएंगे। परियोजना के माध्यम से शासन अस्पताल, रेस्टोरेंट, होटल के साथ ही दुकानें भी खुलवाएगा। विभागीय अफसरों के अनुसार अधिग्रहीत जमीन को लोगों को लीज पर दिया जाएगा। लीज पर जमीन लेकर लोग अपना व्यवसाय कर सकेंगे। 
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विवादित मामलों में कोर्ट में जमा होगी धनराशि
गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में उन जमीनों का मालिकाना हक निर्धारण करने में अधिकारी अपना समय नहीं गवाएंगे, जो विवादित हैं और जिनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अधिकारियों ने फैसला किया है कि विवादित जमीन के मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा कर दी जाएगी। जिस पक्ष को जीत मिलेगी, उसी को भुगतान कर दिया जाएगा। इससे निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं उत्पन्न होगी।

हाईवे के साथ दोनों तरफ बनेंगे सर्विस रूट
गंगा एक्सप्रेस-वे 13 मीटर ऊंचा होने की वजह से इसके दोनों तरफ सर्विस रूट बनाए जाएंगे। यानि दोनों तरफ आम लोगों के लिए सड़कें बनेंगी। 130 मीटर की चौड़ाई के दायरे में ही सड़कें बनेंगी। लोगों को एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के लिए जगह-जगह ब्रिज भी बनाए जाएंगे।


कुंडा और लालगंज के किसानों को मुआवजे का भुगतान करने के लिए 455 करोड़ रुपये मिले थेे। जिसमें से 415 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। तीस करोड़ रुपये अभी बचे हैं। मुआवजे की धनराशि खत्म होेने पर शासन से मांग की जाएगी। जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उनके खाते में मुआवजे की धनराशि भेजी जा रही है। - इंद्र बहादुर वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
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