कई बूथों पर साइकिल की रफ्तार दिखी ठीक
अब किसी को बताने से कोई फायदा नहीं। मानिकपुर, हथिगवां क्षेत्र में जनसत्ता दल और सपा के बीच लड़ाई होती दिखी। यहां जातिगत गोलबंदी भारी जरूर दिखी। हालांकि कई जगहों पर आरी के पक्ष में जाति बिरादरी से ऊपर उठकर लोग मतदान करते नजर आए। जिस क्षेत्र में सपा का दबदबा था, उन बूथों पर साइकिल की रफ्तार ठीक रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी संग राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा के कमल निशान को भी वोट मिले। बसपा के कोर वोटरों ने हाथी निशान पर मतदान कर बसपा प्रमुख मायावती के प्रति अपनी आस्था बरकरार रखी। कुंडा विधानसभा में कम मतदान प्रतिशत को देखते हुए प्रत्याशी गुणा गणित में जुट गए हैं। फिलहाल दस मार्च को सियासी दलों के प्रमुख प्रत्याशियों के दावों की हकीकत सामने आएगी।
बाबागंज में आरी, कमल व साइकिल की जंग
जिले की बाबागंज सुरक्षित विधानसभा सीट पर भी जनसत्ता दल की आरी, कमल व साइकिल के बीच मुकाबला दिखा। बसपा को अपने कोर वोटरों का ही सहारा मिल सका। दूसरे दलों के प्रत्याशी भी बसपा के मतों में सेंधमारी करते नजर आए।
बाबागंज विधानसभा क्षेत्र में 49.56 प्रतिशत मतदान हुआ। सुबह भीड़ से बचने के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथों पर पहुंचे। डेरवा बाजार में मतदाता खामोशी के साथ मतदान करते नजर आए। मतदान करने के बाद लौट रहे शफीक, मतलूब ने पूछने पर बताया कि यहां आरी के साथ ही साइकिल और कमल का मुकाबला है।
अभी कुछ कह पाना मुश्किल है कि कौन जीत रहा है। मगर यहां त्रिकोणीय मुकाबला दिख रहा है। हीरागंज बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लगातार प्रत्याशियों के वाहन गुजरते रहे। यहां मतदान कर निकले विनोद कुमार यादव ने बताया कि वे तो आरी को वोट देकर लौटे हैं। यहां जाति बिरादरी से कोई मतलब नहीं है।
जनसत्ता दल के मुखिया उन सभी के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हें। इसलिए उन्हें जनता का समर्थन मिल रहा है। सपा प्रत्याशी के चुनाव चिह्न साइकिल पर भी वोट लोग दे रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भी समर्थक बूथों पर मतदान के लिए पहुंचते दिखे। हालांकि सपा व भाजपा के प्रत्याशी को मत देने वाले मतदाता खामोशी के साथ मतदान कर घरों को लौटते दिखे। संग्रामगढ़ की सीमा पर स्थित गांवों में भी त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आए।
बसपा प्रत्याशी को कोर वोटर के साथ ही अपने पैतृक गांव समेत आसपास के गांवों से उम्मीद नजर आ रही थी। जबकि बिहार व बाघराय क्षेत्र में जनसत्ता दल, भाजपा व सपा के बीच कांटे का मुकाबला दिखा। अधिकांश मतदान केंद्रों पर केवल जनसत्ता दल के ही एजेंट मिले। सपा व भाजपा के एजेंट बने थे, मगर दोपहर बाद मतदान केंद्रों से दूरी बनाए हुए थे।
प्रतापगढ़ : अनुराधा मिश्रा मोना, कांग्रेस विधायक, रामपुर खास।
- फोटो : प्रयागराज
रामपुर खास में पंजे का पीछा करते दिखा कमल
कांग्रेस के गढ़ रामपुर खास में कमल पंज का पीछा करता रहा। बसपा प्रत्याशी को कोर वोटरों संग बिरादरी का भी सहारा मिला। यहां कांग्रेस प्रत्याशी व भाजपा उम्मीदवार के बीच आमने-सामने टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों प्रत्याशी अपनी जीत के दावा कर रहे हैं।
रामपुर खास विधानसभा को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 1980 से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी नौ बार से विधायक चुने जा रहे हें। दो बार उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना विधायक चुनी गईं।
इस सीट को भाजपा नेताओं ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रखा है। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह से लेकर भाजपा के बड़े-बड़े नेता चुनावी जनसभा कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश किए। यहां केवल 53.25 प्रतिशत ही मतदान हुआ। हालांकि यहां के लोग इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहने का दावा कर रहे हैं।
मगर कुछ ऐसे भी मतदाता मिले, जो कांग्रेस के गढ़ में कमल खिलाने का भी दावा करते नजर आए। लालगंज के रहने वाले ज्ञानप्रकाश दावा करते रहे कि यहां से कांग्रेस को ही जीत मिलेगी। दूसरे दल अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। रानीगंज कैथौला में व्यापारी सुरेश ने बताया कि कांग्रेस को भी वोट मिल रहा है तो भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भी लोग मतदान कर रहे हैं। अभी कौन जीत रहा है। यह कहना मुश्किल भरा होगा। बसपा प्रत्याशी का कोर वोटर के साथ समाज के लोगों का साथ मिल रहा है।
Pratapgarh News : राम सिंह पटेल।
- फोटो : प्रतापगढ़
पट्टी में मोती सिंह और राम सिंह में कांटे की टक्कर
जिले की पट्टी विधानसभा सीट पर रविवार को कमल व साइकिल में सीधी टक्कर देखने को मिली। हर बूथों पर दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान होता नजर आया। जबकि बसपा प्रत्याशी भी अपने कोर वोटर के अलावा बिरादरी के मतों के सहारे संघर्ष करते दिखे।
जिले की चर्चित पट्टी विधानसभा सीट पर रविवार को 56.6 प्रतिशत मतदान हुआ। इस विधानसभा में बाबा बेलखरनाथ, पट्टी, आसपुर देवसरा व मंगरौरा विकासखंड का कुछ हिस्सा आता है। पट्टी समेत तीन नगर पंचायत भी इस विधानसभा में स्थित हैं। उड़ैयाडीह, महोखरी, बंधवा, लौवार, पट्टी कस्बे में भाजपा प्रत्याशी का बराबर सपा उम्मीदवार पीछा करते नजर आए। कहीं कम तो कहीं ज्यादा दोनों के पक्ष में मतदान होता रहा। जबकि बेलखरनाथ ब्लॉक में बसपा प्रत्याशी की हाथी भी दौड़ती नजर आई।
यहां भाजपा, सपा के साथ ही बसपा प्रत्याशी के पक्ष में भी वोट पड़ते दिखे। जबकि देवसरा विकासखंड के गांवों में जातीय गोलबंदी भी नजर आई। दलित मतदाता भी लामबंद होते दिखे। यहां सपा और भाजपा में कांटे की टक्कर है।
मंगरौरा विकासखंड से सटे गांवों में भी भाजपा व सपा प्रत्याशी के बीच दिलचस्प मुकाबला होता दिखा। करैला बाजार में मतदान कर लौट रहे शिवम, राधा, रामसुख बोले कि जिनको वोट देना था दे दिए। अब दस तारीख का पता चल ही जाए। अबहीं बतावय का कौनों मतलब नाहीं है। व्यापारी वर्ग भी भाजपा, सपा के बीच बंटा दिखा।