गर्मी के रौद्र रूप का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिसकी वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ओपीडी में अधिकतर मरीज डायरिया, बुखार तथा लू की चपेट में आने वाले आ रहे हैं। प्रतिदिन 60 से 80 मरीज आ रहे हैं। इनमें अधिकतर बूढ़े और बच्चे शामिल है। उल्टी दस्त के चलते गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसी के साथ पीलिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
पिछले एक माह में पीलिया के 15 मरीजों को वार्ड में भर्ती करने की जरूरत महसूस हुई। डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद भूगर्भ जल स्तर नीचे चला जाता है। पानी भी गंदा हो जाता है। गर्मी अधिक होने की वजह से संक्रमण भी तेजी से फैलता है। उन्होंने लोगों को आरओ या फिर पानी उबाल कर पीने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि शादी विवाह का मौसम होने की वजह से लोग तला भुना भोजन खूब कर रहे हैं।
अचानक खराब हो रही तबियत
बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल गुप्ता ने बताया कि तेज गर्मी और मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से लोगों की तबियत खराब हो रही है। बच्चे और बूढ़े दोनों मौसमी बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। हालांकि बड़ों को ओपीडी से ही छुट्टी कर दी जा रही है, लेकिन छोटे बच्चों को वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।