गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
पहले तो जिला प्रबंधक आनाकानी करते रहे, मगर बाद में उन्होंने भंडार नायक संतोष कुमार के खिलाफ 1055 मीट्रिक टन डीएपी के गबन, धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके पहले गेहूं और धान खरीद में फर्जीवाड़ा करने में संतोष कुमार का नाम आया था, मगर अफसरों का चहेता होने के कारण मामले को दबा दिया गया था।
नौ साल से तीन गोदामों का बना हुआ था प्रभारी
भंडार नायक संतोष कुमार नौ साल से प्रतापगढ़ शहर, बड़नपुर और खजोहरी के बफर गोदाम का इंचार्ज था। जिलेभर की समितियों पर इन गोदामों से ही खाद की सप्लाई की जाती है। स्थानीय राजनीति में पैठ जमाने और अफसरों को खुश रखने के कारण उसके हर खेल को गलती मानकर अधिकारी मामले को दबा देते थे।
इनका कहना है
जांच में खुलासा हुआ है कि पीसीएफ के भंडार नायक ने 1055 मीट्रिक टन डीएपी गायब कर दी है। बफर गोदाम से डीएपी की उठान की गई, लेकिन समितियों पर खाद नहीं पहुंची। इसका मतलब साफ है कि मुनाफा कमाने के लिए खाद प्राइवेट दुकानों पर बेची गई। पीसीएफ जिला प्रबंधक ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। -अरविंद प्रकाश, सहायक निबंधक, सहकारिता