राजापाल चौराहे के समीप स्थित दुकान में बरामद एसिड को वाहन में रखवाती पुलिस। संवाद
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बिना लाइसेंस के संचालित बैट्री की दुकान में बेचा जा रहा एक हजार लीटर एसिड बरामद हुआ। जिसे एसडीएम सदर के आदेश पर पुलिस ने जब्त कर लिया। जांच के दौरान एक दुकान बंद मिली। दो दुकानदारों को कमियां मिलने पर नोटिस थमाया गया। नियम के विपरीत संचालित दुकानों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी है।
शहर में एसिड की पांच दुकानें हैं। शासन के आदेश पर रविवार को उपजिलाधिकारी सदर मोहनलाल गुप्ता पुलिस बल के साथ दुकानों की जांच करने निकल पड़े। भदरी हाउस इलाके में स्थित बैट्री की दुकान पर एसिड बिकने की जानकारी मिली थी। छापा मारने के दौरान दुकान से करीब एक हजार लीटर एसिड बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि दुकानदार राकेश श्रीवास्तव का पिछले साल जनवरी में निधन हो गया है। दुकान का काम उनका बेटा अतुल श्रीवास्तव देखता है।
उसके पास एसिड बिक्री का लाइसेंस नहीं मिला। स्टॉक रजिस्टर भी नहीं बना था। यह देख एसडीएम ने बिक्री के लिए रखा एसिड जब्त कर लिया। इसके बाद चौक घंटाघर के पास स्थित तीन दुकानों का निरीक्षण किया। पवन सोनी व अग्रवाल की दुकान पर कमियां मिलने पर दोनों को नोटिस थमाया। जांच के दौरान एक दुकान बंद मिली। मकंद्रूगंज पुलिस चौकी के करीब दुकान पर सल्फर बिकता है।
जिसने सभी अभिलेख व स्टॉक रजिस्टर दिखाया। एसडीएम सदर मोहनाल गुप्ता ने बताया कि कमियां मिलने वाले दो दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। बिना लाइसेंस संचालित दुकान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियम के विपरीत दुकान का संचालन करने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाने का प्राविधान है।
पंद्रह दिन में दिखाना होता है स्टॉक
एसिड व सल्फर की बिक्री करने वाले दुकानदारों को पंद्रह दिन के भीतर एसडीएम के पास स्टॉक रजिस्टर की जांच करानी होती है। इतना ही नहीं एसिड खरीदने वाले लोगों का पूरा ब्यौरा भी देना जरूरी है। जो व्यक्ति एसिड खरीदकर ले जाता है, उसकी आईडी दुकानदार को अपने पास रखनी होती है। दुकानदारों द्वारा बिक्री तो की जाती रही, लेकिन खरीददारों का कोई रिकार्ड नहीं रखा गया।