फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियों में उफान, शहर से लेकर गांव तक लोग हलाकान

विज्ञापन
गजेहड़ा भिखनापुर गांव को जोड़ने के लिए बकुलाही नदी पर लकड़ी का पुल बनाते ग्रामीण। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश के बाद जिले से बहने वाली नदियां उफान पर हैं। सई, बकुलाही, लोनी, सकरनी, चमरौधा व परैया नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। सई नदी में शहर के किनारे बसे मोहल्लों में पानी भर जाने से लोग पलायन के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन

सई का पानी मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गया है। शहर से सटे करौंदी गांव के लोगों का शहर से संपर्क टूट चुका है। वहीं बकुलाही, लोनी, सिकरनी, चमरौधा और परैया नदियां भी पुल के ऊपर से बह रही हैं। जिले के तीन दर्जन गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है।
तीन दिन तक लगातार बारिश के बाद दो दिन से मौसम साफ है। इसके बावजूद नदियां उफान पर हैं। शहर से गुजरी सई नदी के जलस्तर में रविवार को भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। है। बेल्हा देवी धाम की सभी सीढ़ियां पूरी तरह डूब गईं। अब पानी मंदिर परिसर की तरफ बढ़ने लगा है। बेल्हा देवी घाट के आसपास के मोहल्लों व शहर के तटीय इलाकों में सई का पानी लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
विज्ञापन

रविवार को भी बढ़ते जलस्तर को देख लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की तरफ रुख करते रहे। अब तक 150 से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं। इधर, शहर से सटे पूरे केशवराय में निर्मित मेडिकल कॉलेज के समीप तक सई नदी का पानी पहुंच चुका है। नगर पालिका से जुड़े करौंदी वार्ड के लोगों की भी हालत दयनीय है।
जलस्तर बढ़ने सड़क से करीब पांच फिट ऊपर पानी बह रहा है। इससे करौंदी वार्ड के लोग घरों में कैद हो गए हैं। गांवों में भी सई नदी का पानी दाखिल हो चुका है। हालांकि अभी भी सई नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इससे तटीय इलाके के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
चमरौधा नदी के उफनाने से आधा दर्जन गांवों के लोग परेशान
कोहड़ौर। विकास खंड मंगरौरा के कांधरपुर बाजार से कुछ दूरी से गुजरी चमरौधा नदी के उफनाने से चिगुड़ा, सरायशंकर, दुहिया, पीठापुर, पूरबपट्टी आदि गांवों में पानी घुस गया है। जलभराव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तटीय इलाकों से जुड़े गांवों के लोग परेशान हैं।
गजेहड़ा भिखनापुर का टूटा संपर्क, ग्रामीण बना रहे लकड़ी का पुल
बकुलाही नदी का जलस्तर बढ़ने से गजेहड़ा भिखनापुर गांव के लोगों द्वारा बनाया गया लकड़ी का पुल बह गया। इससे टिकुरियां, मेहदौरी, गुलरा, खंडापार, गजेहड़ा सहित चार गांवों का संपर्क टूट गया है। रविवार को गांव के लोग नदी से होकर आवागमन के लिए लकड़ी के पटरे से जुगाड़ लगाकर पुल तैयार कर रहे थे। लगभग आधे से अधिक लकड़ी का पुल तैयार हो गया है। तीन दिन से लोग गांव में ही कैद हैं। ग्रामीण संपर्क मार्ग तक नहीं पहुुंच पा रहे हैं।
पुल के तीन फिट ऊपर बह रही बकुलाही
बकुलाही नदी का जलस्तर बढ़ने से पुरैला समेत आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। गांव में आवागमन के लिए बने पुल के करीब तीन फिट ऊपर से पानी बह रहा है। दूर तक कहीं भी पुल का निशान नजर नहीं आ रहा है। लोग रस्सी के सहारे जान जोखिम में डालकर पुल से गुजर रहे हैं।

मां बेल्हा देवी धाम तक पहुंचने के करीब सई नदी के बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

नगर क्षेत्र के करौंदी पहुंचे सई नदी के बाढ़ के पानी से होकर जाते ग्रामीण। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें