नया वाहन खरीदने वालों को अब एक और औपचारिकता पूरी करनी होगी। डीलर के नाम वाहन स्वामी को अब एक शपथपत्र देना होगा। इसके लिए पहले तहसील या कचहरी से 100 रुपये का स्टांप पेपर खरीदकर उस पर लिखित में वाहन की मूल पत्रावली प्राप्त करने से संबंधित शपथ देना होगा।
प्रदेश के परिवहन आयुक्त सीबी सिंह ने हाल ही में आदेश जारी कर सभी डीलरों को अनुपालन कराने को कहा है। शपथ पत्र को नोटरी कराने के बाद डीलर के पास जमा करना है। इसके लिए वाहन स्वामी को कुल 150 रुपये खर्च करने होंगे। शपथपत्र लेकर डीलर इसके बदले वाहन की मूल पत्रावली सौंपेगा। जिसकी भविष्य में रखवाली का जिम्मा भी वाहन स्वामी का है। अभी तक पंजीकरण होने के बाद वाहन के बिल, प्रारूप-20, प्रारूप-21, अस्थायी पंजीयन प्रमाणपत्र आदि आठ प्रपत्र वाहन डीलर के पास रहते थे। इस बारे में एआरटीओ प्रशासन बीके सिंह ने बताया कि पुराने वाहन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेचते समय, एनओसी या मियाद खत्म होने की दशा में कई बार वाहन की मूल पत्रावली की जरूरत पड़ जाती है। वाहन स्वामी मूल पत्रावली प्राप्त करने के संबंध में शपथ पत्र देगा। जिससे भविष्य में वह डीलर या आरटीओ कार्यालय पर इसका कोई दावा नहीं कर सकता। इससे डीलर व आरटीओ कार्यालय में बढ़ रहे कागजों का बोझ भी कम होगा। इसको लेकर वाहन स्वामी व डीलर के बीच कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती थी। उप संभागीय विभाग कार्यालय में हर दिन 80 से लेकर 145 वाहनों का पंजीकरण होता है।
व्यावसायिक वाहनों की उप संभागीय कार्यालय पर जमा करनी होगी फाइल
व्यावसायिक वाहनों की खरीद फरोख्त प्रदेश के किसी भी जिले में की जाए, लेकिन उसके दस्तावेज से संबंधित फाइल उप संभागीय कार्यालय पर जमा करनी होगी। आयुक्त के आदेश के बाद जिले के सभी वाहन डीलरों को भी अवगत कराया जा चुका है। विभागीय अधिकारी पहले वाहनों से संबंधित पत्रावली की जांच करेंगे। इसके बाद उन्हें पंजीकरण नंबर आवंटित किया जाएगा।