श्याम विहारी गली सराफा बाजार में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सराफा व्यापारी। संवाद
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आभूषणों पर हॉलमार्किंग यूनिक आईडी अनिवार्यता करने के बाद वाणिज्य कर विभाग में खरीद के जेवरातों को अंकित कराने के बाद ही बिक्री करने के नए आदेश के विरोध में सोमवार को शहर के सराफा बाजार पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों का कहना है कि अगर इस अनिवार्यता को खत्म नहीं किया गया, तो लूट और हत्या की घटनाएं बढ़ जाएंगी।
सोमवार को शहर का सराफा बाजार पूरी तरह बंद रहा। सराफा कारोबारियों ने दुकानों का ताला बंदकर इसका विरोध जताया। उत्तरप्रदेश सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर व्यापारियों ने केंद्र सरकार के हॉलमार्किंग यूनिक आईडी लागू करने और वाणिज्य कर विभाग में सभी आभूषणों की इंट्री कराने के विरोध में प्रदर्शन किया। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार केसरवानी ने कहा कि व्यापारी हॉल मार्किंग का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि जेवरातों को वाणिज्य कर विभाग में ले जाकर इंट्री करवाने का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से सराफा व्यापारी काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपने घर में तो सुरक्षित ही नहीं है, अगर वह वाणिज्य कर विभाग अपने आभूषण लेकर जाएंगे, तो लूट और हत्या की घटनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि हॉल मार्किंग यूनिक आईडी से 90 प्रतिशत सराफा व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके योगेश खंडेलवाल, मुन्ना सोनी, दू्धनाथ सोनी, राहुल केसरवानी, राजेंद्र पंजाबी, कर्फ्यू सोनी , सतीश सोनी, अश्विनी केसरवानी, आशीष गुप्ता ने सराफा बाजार में विरोध प्रदर्शन किया।