मुशर्रफ हुसैन ने प्रयागराज के गौहनिया फ्लाईओवर के पास स्थित एक एजेंसी से एजेंट की मदद से 20 अप्रैल 2021 को जेसीबी खरीदी थी। उसने दस किस्तों में लगभग 26 लाख रुपये अदा किए।
वर्ष 2017 में बंद हो चुके जेसीबी मॉडल को चार साल बाद एजेंसी ने एजेंट के साथ मिलकर पट्टी के कंजासराय गुलामी गांव निवासी मुशर्रफ हुुसैन को धोखे से बेच दी। मुशर्रफ ने जेसीबी के लिए 27 लाख का भुगतान किया था। जेसीबी का पंजीकरण नहीं होने पर उसने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया है।
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मुशर्रफ हुसैन ने प्रयागराज के गौहनिया फ्लाईओवर के पास स्थित एक एजेंसी से एजेंट की मदद से 20 अप्रैल 2021 को जेसीबी खरीदी थी। उसने दस किस्तों में लगभग 26 लाख रुपये अदा किए। एजेंसी से उसे जेसीबी का अस्थायी पंजीकरण नंबर दिया गया था।
भुगतान होने के बाद एजेंसी व एजेंट की तरफ से केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2017 में बंद हो चुके इंजन व चेचिस नंबर का प्रमाण पत्र सौंपा गया। मुशर्रफ जब दस्तावेज लेकर एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराने पहुंचा तो बताया गया कि यह वाहन बंद हो गया है। ऐसे में इसका पंजीकरण नहीं होगा।