राखी के पर्व पर ग्रहों की अड़चनें उत्साह फीका कर देती है। भद्राकाल का खास ध्यान रखा जाता है। भद्रा के बाद ही रक्षाबंधन के पर्व की शुरुआत होती है। इस बार रक्षाबंधन का पर्व 11 अगस्त को है।
भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक राखी का पर्व इस बार अमृत योग में मनाया जाएगा। पर्व पर भरणी- भद्रा की अड़चन नहीं रहेगी। 11 अगस्त को सुबह 9.30 बजे के बाद रक्षाबंधन का पर्व शुरू हो जाएगा। दिनभर त्योहार मनाया जा सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 24 साल बाद यह संयोग बना है।
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राखी के पर्व पर ग्रहों की अड़चनें उत्साह फीका कर देती है। भद्राकाल का खास ध्यान रखा जाता है। भद्रा के बाद ही रक्षाबंधन के पर्व की शुरुआत होती है। इस बार रक्षाबंधन का पर्व 11 अगस्त को है। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्रा के मुताबिक 11 अगस्त को पूर्णिमा है। सुबह 9.30 बजे से शाम तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
गंगा स्नान के बाद करें श्रावणी कर्म
रक्षाबंधन के पर्व पर गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य का भी विधान है। इसके अलावा लोग श्रावणी कर्म भी करते हैं। इसका भी विधान है।
राखी के पर्व को लेकर गुलजार हुए बाजार
राखी के पर्व को लेकर बाजार गुलजार हो गए हैं। शहर से गांव तक बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गए हैं। दुकानों पर राखियां खरीदने के लिए बहनों की भीड़ उमड़ रही है।