जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के चुनाव में इंदुभाल मिश्र अध्यक्ष और संतोष नारायण मिश्र महामंत्री निर्वाचित हुए हैं। शुक्रवार रात करीब दो बजे मतों की गिनती पूरी होने के बाद परिणामों की घोषणा की गई। इस दौरान मतगणना में धांधली के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ।
ऐसे में वोटों की गिनती पूरी होने के बाद सिर्फ अध्यक्ष, महामंत्री और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के परिणामों की घोषणा की जा सकी। अन्य पदों के परिणामों की घोषणा शनिवार को की गई। एल्डर कमेटी ने उपाध्यक्ष पद पर पुनर्मतदान व प्रकाशन मंत्री पद की पुनर्मतगणना कराने का निर्णय लिया है।
कचहरी परिसर स्थित सेंट्रल बार के सभागार में जूनियर बार एसोसिएशन के चुनाव की मतगणना रात करीब दो बजे तक चली। अध्यक्ष पद पर इंदुभाल मिश्र ने 1073 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी अशोक कुमार पांडेय को 606 मत मिले। वहीं महामंत्री पद पर संतोष नारायण मिश्र ने 695 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। 526 वोट हासिल कर विवेक त्रिपाठी दूसरे नंबर पर रहे। इसी क्रम में विवेक शुक्ला 677 वोट हासिल कर वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने।
मतगणना के दौरान कुछ प्रत्याशी धांधली का आरोप लगाने लगे। जिसे लेकर हंगामा भी हुआ। इस पर एल्डर कमेटी ने अध्यक्ष, महामंत्री और वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जीत की घोषणा करने के बाद अन्य पदों पर मतगणना रोक दी। अन्य पदों के लिए शनिवार को मतगणना पूरी की गई। कमेटी की ओर से संगठन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर जितेंद्र कुमार सैनी और सर्वेश कुमार शुक्ल के जीत हासिल करने की जानकारी दी गई। जितेंद्र को 660 और सर्वेश शुक्ल को 434 वोट मिले।
जबकि 790 वोट पाकर संतोष पांडेय कोषाध्यक्ष बने। 827 वोट हासिल कर शिवाकांत पांडेय शिवा संयुक्त मंत्री प्रशासन निर्वाचित हुए। संयुक्त मंत्री पुस्तकालय के पद पर वागीश मिश्र ने 954 वोट पाकर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अजीत कुमार शर्मा को 851 वोट मिले। आधी रात के बाद परिणामों की घोषणा होने के बाद समर्थकों ने विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लादने के साथ पटाखे दागकर खुशियां मनाईं।
उपाध्यक्ष पद पर पुनर्मतदान, प्रकाशन मंत्री की होगी पुनर्मतगणना
जूनियर बार एसोसिएशन के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए पुनर्मतदान होगा, जबकि संयुक्त प्रकाशन मंत्री के पद पर पुनर्मतगणना कराई जाएगी। हालांकि अभी इसके लिए तारीख नहीं तय की गई है। उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रविकुमार द्विवेदी का नाम मतपत्र में नहीं था। मतदान के दौरान इसकी जानकारी हुई। तब सौ के करीब मतदाता वोट डाल चुके थे। रवि कुमार द्विवेदी ने इस पर आपत्ति की थी। ऐसे में शनिवार को एल्डर कमेटी ने इस पद पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।
जबकि संयुक्त प्रकाशन मंत्री पद की मतगणना में कमेटी और प्रत्याशियों की गिनती में अंतर पाया गया। ऐसे में आपत्ति के चलते इस पद की वोटों की गिनती दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। एल्डर कमेटी के सदस्य विजयशंकर त्रिपाठी ने बताया कि पुनर्मतदान की तारीख बाद में निर्धारित की जाएगी। पुनर्मतगणना सोमवार को कराई जा सकती है।