मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर नगर कोतवाली में भाजपा नेता व पुलिस के बीच हुए विवाद के मामले में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मानवाधिकार आयोग ने पूर्व कोतवाल समेत सात पुलिसकर्मियों को दोषी पाया। आयोग ने सभी के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई का आदेश दिया है। इस आदेश की खबर लगने के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।
पिछले साल डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के ऊपर हुई अभद्र टिप्पणी के मामले में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने को लेकर भाजयुमो के क्षेत्रीय महामंत्री वरुण प्रताप सिंह व पुलिस के बीच विवाद हो गया था। मामले की शिकायत अधिकारियों से करने के साथ ही वरुण प्रताप सिंह ने मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की थी। गत दिनों मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा ने दो दिनों तक छानबीन कर लोगों के बयान दर्ज किए थे।
जांच के बाद उन्होंने आयोग को अपनी रिपोर्ट भेजी है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में तत्कालीन नगर कोतवाल प्रवीण कुशवाहा, एसआई अमरनाथ राय, महिला आरक्षी गायत्री मिश्रा, आरक्षी कुशल यादव, अनुराग शुक्ल, सुरेंद्र कुमार, नन्हेलाल बिंद को दोषी पाया गया है। जिसे देखते हुए आयोग ने मामले में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।