हत्यारोपियों को गिरफ्तार न करना पड़ा भारी, कोहड़ौर व उदयपुर थानेदार पैदल
चौकी प्रभारी रानीगंज कैथौला को मिली उदयपुर थाने की कमान, कई दरोगा भी इधर से उधर
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। कोहड़ौर और उदयपुर थानाध्यक्ष पर हत्यारोपियों को गिरफ्तार न करना भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ने दोनों थानाध्यक्षों को पैदल करते हुए पुलिस लाइन भेज दिया। इसके अलावा कई दरोगाओं को इधर से उधर भी किया। कोहड़ौर के अतरसंड में कारोबारी की हत्या करने वाले अधिकांश आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। मृतक के पिता इरशाद को भी घर छोड़कर भाग जाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद भी कोहड़ौर पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश देने का दावा करती रही। वहीं, उदयपुर में भी रिश्तेदार की हत्या में शामिल फरार आरोपियों के मामले में लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कोहड़ौर एसओ अजीत शुक्ला और उदयपुर के विजयकांत सत्यार्थी को पुलिस लाइन में आमद कराने का आदेश दिया। पुलिस लाइन से निरीक्षक प्रदीप कुमार को कोहड़ौर तो रानीगंज कैथौला चौकी प्रभारी नीकेत को उदयपुर थानाध्यक्ष बनाया है। सांगीपुर में तैनात अपराध निरीक्षक मनोज कुमार को थानाध्यक्ष बनाया है।
दूसरी ओर नगर कोतवाली से उपनिरीक्षक वरुण प्रताप सिंह को जेल चौकी प्रभारी, लालगंज में तैनात योगेंद्र सिंह को रानीगंज कैथौला का चौकी प्रभारी बनाया है। वहीं, दरोगा सत्येंद्र सिंह, राधेकृष्ण को पुलिस लाइन से कोतवाली नगर, महिला थाने से दरोगा राजेश राय को नगर कोतवाली, वकील राम राजभर, मदन मोहन, जय प्रकाश सरोज को देल्हूपुर थाना भेजा है।