शहर के राजकीय इंटर काॅलेज में संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में 24 फरवरी को खुलेआम हो रही सामूहिक नकल का मामला दिनोंदिन गहराता जा रहा है। केंद्र व्यवस्थापक समेत पांच शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच कर रहे विवेचक जीआईसी प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी का बयान दर्ज करने के लिए कॉलेज का चक्कर लगा रहे हैं।
नगर कोतवाली में प्रिंसिपल कुलश्रेष्ठ तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक संतोष शुक्ला, कक्ष निरीक्षक लव कुमार पांडेय, नीलम त्रिपाठी, अभिषेक त्रिपाठी व ज्योति दुबे के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 में निहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसकी विवेचना कोतवाली के उप निरीक्षक अंतिम चौहान कर रहे हैं। वह प्रिंसिपल का बयान दर्ज करने के लिए जीआईसी का चक्कर काट रहे हैं। उनके अनुसार प्रिंसिपल का बयान दर्ज करने के बाद साक्ष्यों को संकलित किया जाएगा। वैसे अभी जिला व मंडल स्तर पर विभागीय जांच भी चल रही है। विवेचक अमित चौहान ने बताया कि वह बयान लेने कॉलेज गए थे। मगर बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में सचल दल की टीम में शामिल प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं हो सकी। पहले उनका बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद विभागीय जांच रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए अपनी जांच पूरी की जाएगी।