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क्रयकेंद्रों पर टोकन व्यवस्था खत्म, नहीं करनी होगी किसानों को परिक्रमा

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धान क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वालों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसान क्रय केंद्रों पर आसानी से धान बेच सकेंगे और इसके लिए उन्हें टोकन भी नहीं लेना पड़ेगा। दरअसल, अब टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे किसानों को अब क्रयकेंद्रों की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी।
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जिले में धान खरीद के लिए कुल 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 18 खाद्य विभाग व 28 पीसीएफ के है। एक नवंबर से जिलेभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की जा रही है। धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही थीं। किसान को क्रय केंद्र से 50 क्विंटल का ही टोकन मिल रहा था। सौ क्विंटल से अधिक धान होने पर एसडीएम से सत्यापित कराना अनिवार्य किया गया था।
नियम और शर्तों की जटिलता के कारण किसान क्रय केंद्रों पर धान बेचने से कतरा रहे थे। इसका फायदा आढ़ती और बिचौलिए उठा रहे हैं। किसानों के घर जाकर समर्थन मूल्य से कम पर धान खरीद रहे हैं। क्रय केंद्रों पर किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए विभाग ने टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसान एक बार में अपना धान क्रय केंद्रों पर लाकर बेच सकेंगे। धान बेचने के लिए किसान को सिर्फ खाद्य विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
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इसके बाद उन्हें किसी तरह की औपचारिकता नहीं पूरी करनी होगी। डिप्टी आरएमओ अजीत तिवारी ने बताया कि शुरुआत में 46 क्रय केंद्रों से खरीद शुरू है। किसान एक बार में उतना धान बेच सकते हैं, जितना उन्होंने पंजीकरण के समय प्रपत्र में सत्यापित कराया था। इसके लिए उन्हें अब टोकन भी लेने की जरूरत नहीं होगी। किसानों को सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण ही कराना होगा।
अब तक 2300 एमटी धान की हुई खरीद
जिले के 46 केंयकेंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू है। 24 दिन में अब तक कुल 2300 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। डिप्टी आरएमओ अजीत तिवारी ने बताया कि क्रयकेंद्रों पर धान की खरीद हो रही है।
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