राज्य विश्वविद्यालय की लापरवाही छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को अंकपत्र में अनुपस्थित दिखाकर उन्हें फेल कर दिया गया है। अंकपत्र सुधार के लिए कॉलेजों की ओर से कई बार विश्वविद्यालय में शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अंकपत्र में सुधार न हो पाने के कारण जिले के सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं बीएड काउंसलिंग नहीं करा पाए। अब वह बिना अंकपत्र के परास्नातक में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। नाराज छात्र-छात्राओं ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है।
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज की स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा अगस्त माह में हुई थी। जिले के 159 कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। सितंबर माह में विश्वविद्यालय ने परीक्षाफल जारी कर दिया। परीक्षाफल देखेने के बाद सैकड़ों छात्र-छात्राएं परेशान हो गए। उन्हें परीक्षा में अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया गया था। इन छात्र-छात्राओं ने बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी।
प्रवेश परीक्षा में पास होने के बाद वह काउंसलिंग के लिए परेशान थे, लेकिन अंकपत्र में फेल होने के कारण काउंसलिंग नहीं करा पाए। यहीं नही, अंकपत्र में सुधार न हो पाने के कारण वे परास्नातक कक्षाओं में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। जानकारी होने के बाद कालेजों ने सितंबर माह में ही परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पंजिका विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दी। इसके बावजूद एक माह का समय बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय की ओर से सुधार नहीं किया गया।
इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने मामले की शिकायत सीएम से की है। सीएम को लिखे शिकायती पत्र में छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम त्रुटिपूर्ण तरीके से जारी किया गया है। परीक्षा देने के बाद भी उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया है।
परीक्षा परिणाम में उन्हें फेल दिखा दिया गया है। शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। कुलपति डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि शिकायत करने वाले छात्र-छात्राओं से संपर्क कर उनके अंकपत्र में सुधार कर दिया जाएगा। हालांकि सभी का अंकपत्र सही जारी हुआ है।