एक नंबर प्लेटफार्म पर ब्लाक लेकर रेल कर्मचारियों ने दुरुस्त किया ट्रैक
- फोटो : प्रतापगढ़
जीएम का कार्यक्रम एक बार फिर बदल गया। 29 के बजाए अब वह 30 मार्च को आएंगे। 29 को सीआरएस आ रहे हैं। बछरावां से गौरीगंज के बीच तैयार इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण करेंगे। इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर ट्रायल करेंगे। हालांकि जीएम व सीआरएस के आगमन को लेकर रेलवे के अफसर और कर्मचारी हैरान हैं। स्टेशन की कमियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के आने का कार्यक्रम पहले 15 मार्च को आया था। बाद में जीएम का कार्यक्रम 29 मार्च को लग गया। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली। दो दिनों पहले फिर जीएम का कार्यक्रम बदल गया। अब वह 30 मार्च को प्रतापगढ़ आएंगे। लखनऊ होते हुए वह प्रतापगढ़ के रास्ते प्रयागराज को जाएंगे। रेलवे के सूत्रों की मानी जाए तो 29 मार्च को सीआरएस के आने का कार्यक्रम लगा है। जंघई से गौरीगंज के बीच इलेक्ट्रिक लाइन बनकर तैयार हो गई है।
सीआरएस एक बार इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर ट्रायल भी कर चुके हैं। सबकुछ ओके मिलने के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन करने के लिए अपनी अनुमति भी दे दी थी। 29 को सीआरएस के ट्रायल के बाद यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो रायबरेली से बनारस के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों को संचालित किया जाएगा।
रेलवे सूत्रों की मानी जाए तो सीआरएस लखनऊ से चलकर बनारस या फिर प्रयागराज जा सकते हैं। इसको लेकर अफसर और परेशान हैं। रेल यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। वहीं 30 मार्च को जीएम का कार्यक्रम लगा हुआ है।
एक नंबर प्लेटफार्म पर ब्लाक लेकर रेल कर्मचारियों ने दुरुस्त किया ट्रैक
रेल प्रबंधक की स्पेशल ट्रेन को एक नंबर प्लेटफार्म पर लेने की तैयारी अफसरों ने पहले से करनी शुरू कर दी है। जीएम को ट्रैक में किसी भी प्रकार की खामियां न दिखें, इसके लिए बुधवार को एक नंबर प्लेटफार्म पर ब्लाक लेकर दिनभर ट्रैक दुरुस्त किया गया। इसके अतिरिक्त दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर काम चल रहा है। उधर, प्रतापगढ़ स्टेशन से विश्वनाथगंज के बीच में चार जेसीबी लगवाकर मानव रहित क्रासिंगों को जहां बंद कराया जा रहा है, वहीं पटरी किनारे मिट्टी डलवाई जा रही है।
29 के बजाए जीएम का कार्यक्रम 30 को लगा है। 29 को सीआरएस का कार्यक्रम लग गया है। बछरावां से गौरीगंज के बीच इलेक्ट्रिक लोको ट्रायल सीआरएस करेंगे।
सतीश कुमार, डीआरएम।