खाद घोटाले में शामिल जिले की आठ साधन सहकारी समितियों को अब खाद नहीं मिलेगी। पीसीएफ ने इन समितियों को खाद देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इधर, पुलिस ने वांछित सचिवों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना प्रारंभ कर दिया है। गिरफ्तार एक सचिव को सहायक निबंधक ने निलंबित कर दिया है।
डीएपी और यूरिया खाद घोटाले में शामिल जिले की आशापुर, छेमरसरैया, सोनपुरा, गौरामाफी, नचरौला, पूरे हिरावन, नारायणपुर और लक्ष्मणपुर समितियों को पीसीएफ ने खाद देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पीसीएफ का मानना है कि पीसीएफ भंडार नायक के बयान के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है और किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है। ऐसे में खाद आवंटित करने से भुगतान फंस सकता है। इधर गिरफ्तार नारायणपुर कला के सचिव राजेश पटेल को सहायक निबंधक ने निलंबित कर दिया है।
जिले के सातों साधन सहकारी समितियों के सचिव घरों से फरार बताए जा रहे हैं। इन समितियों पर सप्ताह भर से ताला लटक रहा है। इधर पीसीएफ के भंडार नायक के बर्खास्तगी की फाइल शीर्ष अफसरों के पास लटकी हुई है। पुलिस की मानें तो गिरफ्तार भंडार नायक के महिला मित्र की तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि महिला मित्र से खाद बिक्री के रुपये की वसूली करने की तैयारी है। पीसीएफ जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने बताया कि खाद घोटाले में शामिल समितियों को खाद नहीं दी जा रही है।