हरितालिका तीज का व्रत बृहस्पतिवार को है। हर साल यह त्योहार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। व्रत में महिलाएं माता गौरी से सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मांगती हैं।
भगवान शंकर और मां पार्वती की आराधना कर पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले हरितालिका तीज के व्रत को लेकर सुहागिनों में उत्साह है। पर्व के दो दिन पहले मंगलवार को बाजारों में दिनभर महिलाएं पूजन सामाग्री की खरीदारी के साथ ही तैयारियों में जुटी रहीं। इससे बाजारों में चहल-पहल रही।
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हरितालिका तीज का व्रत बृहस्पतिवार को है। हर साल यह त्योहार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। व्रत में महिलाएं माता गौरी से सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मांगती हैं। इसलिए विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास कर रात को पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन करती हैं। व्रत के दो दिन पूर्व मंगलवार को दिनभर महिलाएं पूजन की तैयारियों के साथ ही सजने-संवरने में जुटी रहीं।
शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, भंगवाचुंगी, अंबडेकर चौराहे पर महिलाओं की भीड़ रही। ब्यूटी पार्लर में भी महिलाएं सजती-संवरती नजर आईं। बाजार में मिट्टी से बनीं शंकर-पार्वती की मूर्तियों की खूब डिमांड रही। इस बार मूर्तियों के दाम में दुकानदारों ने इजाफा कर दिया था। 50 से 60 रुपये तक में बिकने वाली मूर्तियों के लिए दुकानदार सौ-सौ रुपये तक लेेते रहे। सुहाग के सामान भी खूब बिके। चौक बाजार की फलमंडी में बिंदी, नेलपेंट, मेहंदी समेत सजने के अन्य सामानों की खरीद के लिए दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। आचार्य प्रभाकर पांडेय ने बताया कि पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं पूजन-अर्चन करती है।