हादसे में युवक की मौत, हत्या का आरोप लगाकर परिजनों ने लगाया जाम
पट्टी/ शिवगढ़/ मदाफरपुर। निमंत्रण से लौटते समय अनियंत्रित बाइक पेड़ से टकरा गई। जिससे बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। जबकि उसका पड़ोसी घायल हो गया। परिजन सीएचसी से शव लेकर घर चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस काफी मशक्कत के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। इधर, घटना से आक्रोशित परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया। दो घंटे बाद पड़ोसी समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज होने पर जाम खत्म हुआ।
कंधई थाना क्षेत्र के वारी खुर्द निवासी अमित कुमार उर्फ मनोज वर्मा (26) बुधवार की शाम पड़ोसी संतोष वर्मा समेत अन्य लोगों के साथ बाइक से पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बीबीपुर औराइन गांव में बरात में शामिल होने गया था। बृहस्पतिवार की सुबह वह साथियों के साथ बाइक से घर लौट रहा था। शोभवा गांव के करीब अनियंत्रित बाइक पेड़ से टकरा गई। जिससे मौके पर ही अमित की मौत हो गई। साथ रहा पड़ोसी संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे एंबुलेंस से सीएचसी पट्टी भेजा, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उधर, सूचना मिलने के बाद परिजन अमित का शव लेकर घर चले गए। इसकी खबर मिलने पर पुलिस वारी खुर्द पहुंची और काफी मशक्कत के बाद परिवार के लोगों के राजी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, संतोष का मेडिकल कॉलेज में कुछ पता नहीं चला। अमित के परिजन उसकी तलाश करते रहे लेकिन, वह नहीं मिला।
पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन ग्रामीणों संग नारायणपुर बाजार पहुंचे। बीच सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। घरवालों का आरोप था कि अमित को घर से संतोष, संदीप दो अन्य लोग निमंत्रण में जाने की बात कहते हुए साथ ले गए थे। बृहस्पतिवार को दुर्घटना की जानकारी मिली मगर, अमित के गले व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले। उसकी हत्या करने के बाद घटना को दुर्घटना का रूप दिया गया। कंधई पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर संतोष, संदीप और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। तब जाकर परिजन जाम समाप्त कर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। बवाल की आशंका को देखते हुए पट्टी, कोहड़ौर व कंधई थाने की पुलिस मौके पर डटी रही।
मासूम बच्चों के सिर से छिन गया पिता का साया
कंधई थाना क्षेत्र के वारी खुर्द निवासी अमित वर्मा की मौत के बाद मां आशा देवी व पत्नी पूजा देवी का रो-रो कर बुरा हाल रहा। मासूम बेटे कृष्ण कुमार व ओम को देखकर लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं। अमित के दो भाई घर पर ही रहकर किसानी का काम करते हैं। कुछ दिनों पहले ही अमित गुजरात से लौटा था। उसका पड़ोसी संतोष भी उसके साथ ही काम करता था।