केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की हुंकार से उत्साहित सपा नेता लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। लोकसभा से पार्टी के टिकट के लिए पिछड़ी जाति के नेताओं में भी होड़ मची है। पांच विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता चर्चा का विषय बनी हुई है।
भले ही अभी लोकसभा चुनाव का बिगुल नहीं बजा है लेकिन सियासी दल अपनी तैयारियां कर रहे हैं। इस बार सपा की ओर से पहले ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है। इसके लिए पार्टी की ओर से पूर्व एमएलसी एसपी सिंह पटेल को क्षेत्र में काम करने के लिए भेजा गया है।
सपा मुखिया के कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह देख सपा के कई नेता लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा, पट्टी विधायक रामसिंह पटेल, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना के नाम सुर्खियों में बने हैं।
प्रयागराज जनपद के भी दो पिछड़ी जाति के नेता टिकट लेने के लिए प्रयासरत हैं। सपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व मंत्री राजाराम पांडेय के बागी पुत्र संजय पांडेय की मौजूदगी व उनके घर तक सपा मुखिया का जाना भी लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। टिकट के दावेदार लगातार क्षेत्र में बने हुए हैं।
कभी एक विधानसभा तक सिमटे नेता अब दूसरी विधानसभाओं में दुख व सुख वाले कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान चुनावी चर्चाएं भी होती हैं। वैसे इस सीट पर अपना दल कमेरावादी के नेता भी पिछड़ी जाति के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने की मांग करते चले आ रहे हैं।
सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी का कहना है कि टिकट के लिए किन लोगों ने आवेदन किया है। इस बात की जानकारी नहीं है। दावेदारों ने पार्टी कार्यालय लखनऊ में आवेदन किया होगा। अभी पूर्व एमएलसी एसपी सिंह को बूथ स्तर पर काम करने के लिए पार्टी की ओर से भेजा गया है।