रविवार को दिनभर आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। बारिश की आशंका बनी रही। मौसम का मिजाज देख किसान धान की फसल सुरक्षित करने में जुटे रहे। खेत से खलिहान तक आपाधापी का माहौल दिखा। जिले में इस बार 96 हजार हेक्टेअर में धान की खेती की गई है। फसल तैयार हो चुकी है। किसान अब तेजी से कटाई में जुटे हैं।
जिलेभर में किसान धान की फसल को निपटाने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा गेहूं, चना, मटर, सरसों, आलू की बुवाई भी शुरू हो गई है। किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए हुए हैं। रविवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में सुबह से ही बादलों ने डेरा जमा लिया। यह देख किसानों की बेचैनी बढ़ गई।
जिले के रानीगंज, कुंडा, लालगंज, सदर व पट्टी तहसील में दिनभर किसान खेतों में फसलों को सुरक्षित करने में जुटे रहे। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान होगा। बारिश होने पर गेहूं, चना, मटर, सरसों, आलू सहित फसलों पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। रविवार को खेत से खलिहान तक आपाधापी का माहौल रहा।
बढ़ी ठंड, सुबह-शाम गर्म कपड़ों में दिखने लगे लोग
नवंबर माह की शुरुआत से ही ठंड में इजाफा होने लगा है। सुबह-शाम ठंड का एहसास होने लगा है। शाम होते ही ठंड का असर शुरू हो जाता है। यही वजह है कि लोग अब गर्म कपड़ों में दिखने लगे हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि जल्द ही ठंड तेज होगी।
रविवार को दोपहर बाद आसमान में बादलों के आने से खेत में धान की फसल खलिहान ले जाता किसान। संवाद- फोटो : PRATAPGARH