नगर पालिका व अधिकांश नगर पंचायतों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी 1321 लोगों को शौचालय की जरूरत है। आवेदन करने वालों का आरोप है कि बिना घर तक जांच के ही उनके आवेदन व शिकायतों को निस्तारित कर दिया जाता है। जिससे वे लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं।
नगर पालिका परिषद बेल्हा को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तहत पालिका का प्रदर्शन भी बेहतर होता जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी हर साल पालिका को बेहतर अंक मिल रहे हैं। इन सबके बावजूद अभी भी बहुत से शहरी शौच करने के लिए घर से बाहर जाने को मजबूर हैं। शहर के पड़ाव वार्ड, धर्मशाला वार्ड, पटखौली, पूर्वी सहोदरपुर, पश्चिमी सहोदरपुर, तहसील वार्ड के लोग अभी भी खुले में शौच करने जा रहे हैं।
शौचालय के लिए शहरी लगातार आवेदन करते रहते हैं, मगर उनका निस्तारण जिम्मेदार कर्मचारी कार्यालय बैठकर ही कर देते हैं। उनके घर पर जाकर समस्या का निस्तारण करना बेहतर नहीं समझते। पूर्वी सहोदरपुर के रहने वाल अजय गौड़ ने पालिका में शौचालय के लिए प्रार्थना पत्र दिया, मगर उनकी की अनदेखी कर दी गई। इसी तरह दूसरे वार्ड के लोगों ने भी शौचालय बनवाने के लिए मदद मांगते हुए पालिका कार्यालय में आवेदन किए हैं। कुछ लोगों ने ऑनलाइन तो कुछ ने ऑफलाइन आवेदन किए हैं।
आवेदनों की समय-समय पर पालिका के अधिकारी कर्मचारियों से जांच कराकर निस्तारण कराते हैं। 1321 शहरियों को शौचालय की जरूरत है। हालांकि इसमें से अधिकांश आवेदनों का अभी तक सत्यापन नहीं हो सका है। ईओ मुदित सिंह ने बताया कि शासन से जो लक्ष्य मिला था, उस पूरा कर लिया गया है।
अभी कोई बजट नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में शौचालय भी शामिल हैं। शासन के दिशा-निर्देश पर आवेदनों का निस्तारण होगा। शौचालय के लिए पालिका के पास कोई अतिरिक्त बजट नहीं है। लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।