आयुष्मान मेला बेमानी होकर रह गया है। कहीं पर जांच का इंतजाम नहीं तो कहीं ड्यूटी पर फार्मासिस्ट और एलटी नहीं आए। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। जनसुविधा के लिए शासन की पहल पर प्रत्येक रविवार मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगता है। मेले के दिन सभी चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों का अवकाश पूरी तरह से निरस्त किया गया है।
इसके बावजूद कर्मचारी या फिर डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। पीएचसी में लगने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में एलोपैथ के साथ आयुर्वेद एवं होम्योपैथ के चिकित्सकों की भी ड्यूटी लगाई जाती है। मगर कहीं-कहीं आयुर्वेद या फिर होम्योपैथ के चिकित्सक भी मरीजों का इलाज करने नहीं जाते हैं।
पीएचसी बीरापुर: 11.45 बजे
पीएचसी बीरपुर में रविवार को डॉक्टर केके यादव तथा वार्ड बॉय निखिल दुबे मौजूद रहे। यहां पर 48 मरीज का इलाज कर दवा दी गई। इस दौरान जांच के नाम पर एलटी सूरज मौर्य और फार्मासिस्ट परवेज अहमद ड्यूटी पर नहीं मिले। इससे डॉक्टर ने खुद जांच करने के बाद मरीजों को दवा दी। एलटी न होने से खून की जांच तक नहीं की गई। आयुर्वेद और होम्योपैथ विभाग से कोई नहीं आया।
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पीएचसी मंगापुर: 12 बजे
पीएचसी मंगापुर में दोपहर 12 बजे तक डॉक्टर भान अकेले थे। खुद मरीजों का इलाज करने के साथ दवा दे रहे थे। फार्मासिस्ट के न होने के कारण डॉक्टर के साथ मरीजों को परेशान होना पड़ रहा था। इस पीएचसी पर खून जांच तक की व्यवस्था नहीं थी।
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पीएचसी जगेशरगंज: 12.00 बजे
पीएचसी जगेशरगंज में डॉ.विकास, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार और वार्डबॉय मौजूद रहे। 12 बजे तक महज तीन मरीजों का इलाज किया गया था। पीएचसी पर किसी प्रकार की जांच का इंतजाम नहीं था। आयुर्वेद एवं होम्योपैथ विभाग के न तो डॉक्टर आए थे और न ही फार्मासिस्ट, इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा।
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क्या बोले मरीज
मंगापुर पीएचसी में दवा का अभाव है, कोई जांच नही होती, आयुष्मान मेले में सिर्फ खानापूरी की जाती है।
रामराज यादव, राहटीकर सांगीपुर
बीरापुर पीएसी में आरोग्य मेला लगा था। मगर एलटी और फार्मासिस्ट नहीं आए थे। इससे परेशान होना पड़ा। एक ही डॉक्टर हैं, भीड़ अधिक होने पर अकेले होने पर वह परेशान दिखे।
राजेंद्र कुमार, बीरापुर।
जहां के फॉर्मासिस्ट या फिर लैब टेक्नीशियन आरोग्य मेला में नहीं आए हैं, उनको नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अभय नारायण, एसीएमओ।