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पीसीएफ के भंडार नायक पर गबन का एक और मुकदमा

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पीसीएफ के भंडार नायक संतोष कुमार के खिलाफ नगर कोतवाली में शनिवार को गबन का एक और केस दर्ज किया गया। ढाई करोड़ रुपये के डीएपी खाद के घोटाले में शामिल भंडार नायक पर 23.56 लाख रुपये की यूरिया के गबन का मामला दर्ज हुआ है। गिरफ्तार भंडार नायक को जेल भेजने वाली पुलिस एक बार फिर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
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पीसीएफ में ढाई करोड़ की डीएपी खाद के घोटाले के मामले में पचास हजार के इनामी भंडार नायक संतोष कुमार के खिलाफ शनिवार को नगर कोतवाली में 23.56 लाख रुपये की यूरिया के गबन का मुकदमा दर्ज किया गया। डीएपी का घोटाला सामने आने के बाद पीसीएफ के गोदामों में यूरिया के स्टॉक की भी जांच की गई थी। छह सदस्यीय टीम की जांच में गोदामों से 397.89 मीट्रिकटन यूरिया गायब मिली थी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
इस पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने पुलिस को तहरीर दी। उधर, डीएपी के घोटाले के आरोपी भंडार नायक ने रिमांड पर पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि आठ समितियों के सचिवों के माध्यम से डीएपी बाजार में बेची गई थी। नाम सामने आने के बाद सभी समितियों के सचिव गांव छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने भंडार नायक संतोष कुमार को रिमांड लेकर दो दिन पहले ही पूछताछ की थी। अब यूरिया के गबन का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। पुलिस का कहना है कि भंडार नायक ने पूछताछ के दौरान घोटाले में पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज संजीव कुमार और पूर्व जिला प्रबंधक धीरेंद्र कुमार का भी नाम लिया था। मगर पीसीएफ जिला प्रबंधक ने इस बार भी भंडार नायक को ही नामजद किया है।
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