मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में आपरेशन से हुए बच्चे को परिजनों को सौंपने में लापरवाही बरतने वाली दायी और स्वीपर को ऑपरेशन थियेटर की ड्यूटी से हटा दिया गया। विभागीय जांच के साथ ही दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हंगामे के बीच मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जच्चा व बच्चा का नमूना लिया गया। बवाल की आशंका को देखते हुए फोर्स मौजूद रही। हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद ही जांच के लिए नमूना भेजा जा सकेगा।
नगर कोतवाली के मोहनगंज निवासी विकास श्रीवास्तव की पत्नी पूजा श्रीवास्तव और अंतू थाना क्षेत्र के प्रीतम तिवारी की पत्नी रेखा तिवारी को परिजनों ने प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में भर्ती कराया था। पूजा को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया। सीएमएस डॉ. रीना प्रसाद ने बताया कि कुछ देर में रेखा को भी ओटी में ले जाया गया। पूजा को बेटा पैदा हुआ और बीएचटी में उसके हाथ व पैर का निशान लगवाने के बाद दायी निर्मला व स्वीपर अनीता ने लापरवाही से बच्चे को रेखा की सास को दे दिया। जबकि रेखा का ऑपरेशन 25 मिनट बाद हुआ। ऑपरेशन से रेखा को बेटी पैदा हुई। रेखा की सास व पति पहले मिले बच्चे को अपना बताते हुए हंगामा करने लगे थे।
पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो सका था। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर सीएमएस डा. रीना प्रसाद ने आया निर्मला व स्वीपर अनीता को आपरेशन थिएटर की ड्यूटी से मुक्त करते हुए जवाब तलब किया है। उनकी विभागीय जांच भी कराने के लिए पत्र प्राचार्य को भेजा है। दूसरी ओर मंगलवार को हंगामे के आसार को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी में आपरेशन करने वाली डॉ. वर्तिका सिंह की मौजूदगी में स्वास्थ्य कर्मिचारियों ने रेखा व पूजा के साथ ही दोनों बच्चों के रक्त का नमूना लिया। जिसे डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। हालांकि कोतवाली में किसी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी। जिसके चलते नमूना स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षित रख लिया।
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस डीएनए जांच कराएगी। चूंकि दोनों पक्षों के बीच हंगामे को देखते हुए डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया गया है। लापरवाही बरतने पर आया व स्वीपर को ओटी से हटा दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी। -डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, सीएमओ
पिता का भी लिया जाएगा सैंपल
सीएमएस डॉ. रीना प्रसाद ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद नमूना डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। बच्चों की माता के साथ ही पिता का भी सैंपल लिया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने में एक माह का लग सकता है समय
मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में सोमवार को आपरेशन से पैदा हुए बच्चों को लेकर हुए हंगामे के बाद डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया गया था। जिस पर प्रसूता रेखा व पूजा के परिजनों ने सहमति जताई थी। पुलिस के अनुसार, डीएनए जांच रिपोर्ट आने में एक माह का समय लग सकता है।
महिला अस्पताल में नवजात शिशु के बदलने के दुसरे दिन वार्ड में परिजनों द्वारा हंगामा करने के दौरान - फोटो : PRATAPGARH
महिला अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले को डीएनए जांच के लिए सीएमएस के पास पहुंचे परिजन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH