दुराचार के दोषी को 20 साल की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने दुराचार के मामले में कुंडा के वजीरपुर गांव के संतोष कुमार को दोषी पाते हुए 20 साल का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता को अर्थदंड की राशि उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात व पुनर्वास के लिए प्रदान की जाएगी। वादी मुकदमा के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी 21 मई 2013 को सहेली के साथ शादी के कार्यक्रम में वजीरपुर गांव गई थी। रास्ते में उसकी साइकिल की चेन फंस गई।
इस दौरान संतोष बाइक से वहां पहुंचा और पीड़िता को बहाने से बाइक पर बैठाकर जंगल की तरफ ले गया। वहां उसके साथ दुराचार किया और चोरी से अपने मोबाइल में उसकी नग्न तस्वीरें कैद कर लीं। संतोष ने किसी से घटना का जिक्र करने पर नग्न तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेशचंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने की।