कोर्ट में 20 सितंबर को इस मामले में बहस हुई और 21 सितंबर को कोर्ट ने आरोपी को दोषी सिद्ध कर दिया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई। इस मामले में पीड़िता, उसकी मां, चश्मदीद, डॉक्टर, प्रधानाचार्य, विवेचक, रेडियोलॉजिस्ट की ओर से कोर्ट में साक्ष्य प्रेषित कराया गया।
आरोपी ने खुद को नाबालिग घोषित कराने के लिए एक स्कूल की टीसी लगाकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने आरोपी की टीसी सहित अन्य दस्तावेज की जांच कराने के बाद प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। विवेचना में नगर कोतवाल के लापरवाह रवैए पर नाराजगी जताई।
कोर्ट ने विवेचक सत्येंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के बाद कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है।इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेशचंद्र त्रिपाठी व अशोक कुमार तिवारी ने की। जुलाई व अगस्त माह में भी पॉक्सो की विशेष अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में बीस दिन के भीतर फैसला सुनाया था।
कब क्या हुआ
12 अगस्त को मासूम के साथ दुराचार की घटना
12 सितंबर को पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया
15 व 16 सितंबर को घटना से जुड़े गवाहों का कोर्ट ने पक्ष जाना
20 सितंबर को कोर्ट में इस मामले में बहस हुई
21 सितंबर को कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध कर दिया
22 सितंबर को कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई
मारपीट कर बेहोश करने के दोषियों को पांच साल की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश आलोक द्विवेदी ने मारपीट कर बेहोश करने के मामले में रायबरेली के सलोन इलाके के खोजापुर गांव के रमेशचंद्र पटेल उर्फ कुल्ले, गीता पटेल, रोहित कुमार पटेल, राजेश कुमार पटेल को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। संग्रामगढ़ इलाके के रामापुर गांव की तीरथ देवी के अनुसार, 26 मार्च 2015 को रमेशचंद्र, गीता देवी, राजेश, रोहित ने होली के दिन हुए विवाद की रंजिश में उसे व उसके बेटों को लाठियों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
गंभीर चोट आने की वजह से उसके बेटे रोहित, लवकुश व गांव के विनय कुमार की हालत बिगड़ गई थी। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले थे। कोर्ट में इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी राकेश प्रताप सिंह ने की।