जिला कारागार में 15 साल से अधिक समय से निरुद्ध 26 कैदियों को आजादी मिलने की उम्मीद है। इसमें बुजुर्ग, बीमार व महिला कैदी शामिल हैं। दहेज हत्या समेत दूसरे मुकदमों में सजा काट रहे ऐसे बंदियों के चाल-चलन समेत अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक जिला कारागार पहुंचे। यहां अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक ऐसे बंदियों के अभिलेखों की जांच की।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल बुधवार को जिला कारागार पहुंचे। जहां जेल अधीक्षक आरपी चौधरी ने अफसरों को सलामी दी। डीएम व एसपी जेल के भीतर दाखिल होने के बाद उन कैदियों के अभिलेख तलब किए, जो लंबे समय से सजा काट रहे हैं।
इनमें नैनी जेल से आए 18, 2-2 प्रतापगढ़, आगरा, एक मथुरा और तीन लखनऊ के कैदी शामिल हैं। ये लोग 15 साल से अधिक समय से जेल में सजा काट रहे हैं। ये लोग जानलेवा हमला, दहेज हत्या समेत दूसरे अपराधों में न्यायालय से सजा पा चुके हैं। अधिकांश कैदियों की उम्र भी पचास पार हो चुकी है।
अभिलेखों की छानबीन के दौरान अधिकारियों ने ऐसे कैदियों से बातचीत की। जेल में रहने के दौरान उनकी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली गई। संभावना जताई जा रही है कि सभी कैदियों की रिहाई के लिए न्यायालय पत्र भेजा जाएगा। जेल अधीक्षक आरपी चौधरी ने बताया कि अधिकारियों की संस्तुति के बाद कैदियों की रिहाई से संबंधित पत्र न्यायालय भेजा जाएगा।