अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि दुर्गा पूजा पंडालों में शाम को लाइटिंग होती है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल कालेज बंद हो जाते हैं। यहां बिजली बंद होती है तो उधर पूजा पंडालों में इस्तेमाल होती है। इससे बिजली सप्लाई पर कोई असर नहीं होता है।
मौसम के अनुसार बिजली की डिमांड और आपूर्ति होती है। जिले में गरमी के मौसम में 650 मेगावाट तक डिमांड होती है। इस समय 350 से 400 मेगावाट डिमांड है। बिजली की मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। बिजली की कोई समस्या नहीं है। - मनोज अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
अधिकारियों ने की अपील
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता ने सभी दुर्गा पूजा पंडालों से अपील की है कि जिन लोगों ने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है, वे अस्थायी कनेक्शन लें लें। बिजली तारों के नीचे पंडाल न लगाएं।
पंडालों में विद्युत सुरक्षा पर जोर
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से सभी क्षेत्रों में पूजा पंडाल समितियों को जागरूक किया जा रहा है कि विद्युत सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। कटे-फटे तारों के पास टेप और ज्वाइंटर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र भी अपने पास रखे।
अधिकतम बिजली की डिमांड 600 से 650 मेगावाट (गर्मी में)
मौजूदा बिजली की डिमांड 350 से 400 मेगावाट
मौजूदा बिजली की आपूर्ति 350 से 400 मेगावाट
पूजा पंडालों को 20 किलोवाट का दिया जा रहा कनेक्शन
प्रतिदिन 6400 रुपये देना होगा बिजली का बिल
शहर में कुल 270 छोटे-बड़े पूजा पंडाल बनाए गए हैं