बेटी से छेड़खानी के बाद हमले से खौफजदा पीड़ित परिवार पलायन की तैयारी में है। मेरठ के अस्पताल में भर्ती पिता की चिंताजनक हालत से टूट चुकी छात्रा अब पलभर भी अमरोहा में रुकने के लिए तैयार नहीं है। उसने सिसकते हुए मोबाइल पर पिता से बातचीत में अपना दर्द बयां कर दिया। वहीं, पुलिस अभी इस मसले को गंभीरता से लेने के बजाय चैन की नींद सो रही है।
गौरतलब है कि अमरोहा के मुहल्ला बारी सरायं (अहमदनगर) में मंगलवार को सूरज उगते ही हथियारों से लैस कुछ युवकों ने इसमाइल के घर पर धावा बोल दिया था। दंपति पर गंड़ासों और तलवारों से वारकर उन्हें लहूलुहान कर दिया। बीच-बचाव पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी पीटा गया।
दरअसल इसमाइल ने बेटी से छेड़खानी करने वाले तीन युवकों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर युवकों ने पीड़ित परिवार पर हमला कर दिया। लहूलुहान दंपति को सीएचसी में भर्ती कराने के बाद दोनों पक्ष पर कार्रवाई करने वाली पुलिस दोबारा घायलों की सुध लेने भी नही पहुंची। उधर, डाक्टरों ने इसमाइल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया था।
'हमारी सुनने वाला कोई नहीं'
बुधवार को पीड़ित छात्रा ने अपने पिता से मोबाइल पर बात की। उसने कहा कि अब्बू आप ठीक होकर आ जाइए, फिर हम घर छोड़कर चले जाएंगे। यहां हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।
पुलिस चाहती तो ऐसा न होता
इस पूरे घटनाक्रम के लिए पुलिस अफसर सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। करीब दो महीने से कोतवाली और एसपी दफ्तर के चक्कर काट रहे इसमाइल की शिकायतों को अगर गंभीरता से लिया गया होता तो शायद परिवार के शहर छोड़ने के हालात ही नहीं बनते।
मामले को दबाने की कोशिश में पुलिस
छेड़खानी और हमले के बाद से आरोपियों के हौसले बढ़ चुके हैं। शहर में वे खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अधिकारी इस घटना में लापरवाही बरत रहे हैं। स्थिति यह है कि कोतवाली पुलिस मंगलवार को दिनभर आला अफसरों से छेड़खानी और हमले की घटना को छिपाए रही। इसका खुलासा रात के 11 बजे तब हुआ जब सीओ सिटी ने घटना की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद खां का कहना है कि मैनें पूरी घटना की जानकारी ली है। छात्रा से छेड़छाड़ का मामला नहीं है, बल्कि ऑटो रिक्शा की टक्कर पर विवाद हुआ था। वैसे पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।