उत्तर प्रदेश के कानपुर में कचहरी हवालात में सामान देने से रोकने पर शुक्रवार को बंदी और उनके परिजन पुलिस से भिड़ गए। बंदी और उनके परिजनों ने पथराव कर दिया तो सिपाहियों और पीएसी जवानों ने लाठियां भांजी।
लाठीचार्ज और पथराव से कचहरी रोड पर जाम लग गया। बाद में कई थानों की फोर्स ने पहुंचकर हालात काबू में किए। पथराव और मारपीट में सिपाही अजय सेंगर, सितांशु, अवधेश पांडे और नौ बंदियों सहित 19 लोग घायल हुए हैं।
सभी घायलों को उर्सला भेजकर प्राथमिक उपचार करवाया गया। देर शाम बंदियों को वापस जेल भेजा गया। बंदियों का आरोप है कि सुरक्षा में लगे सिपाही हर परिजन से मिलने देने के लिए पचास से सौ रुपये लेते हैं। इसी को लेकर बवाल हुआ।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जेल से बंदियों को लेकर कचहरी पहुंची पुलिस ने सभी को सेशन हवालात में बंद कर दिया। त्योहार पर बंदियों के परिजन उन्हें खाने-पीने का सामान देने लगे तो हवालात गेट पर तैनात सिपाही निशांत गंगवार ने रोका।
विवाद बढ़ने पर और सिपाही आ गए तो बंदियों के परिजन भिड़ गए। मारपीट होने लगी। इससे हवालात में बंद बंदी भी भड़क गए और साइड की चाहरदीवारी तोड़ने के साथ एक टट्टर भी गिरा दिया। इसके बाद बंदियों और परिजनों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
एसपी ग्रामीण, एसपीओ प्रदीप सक्सेना, डिप्टी जेलर राजेश राय, आरआई अवधेश कुमार आदि भी पहुंचे और बंदियों को काबू किया।