पीलीभीत। किशनपुर रेंज से हरीपुर रेंज के रास्ते महोफ और उत्तराखंड पहुंचे नेपाली हाथियों ने फिर टाइगर रिजर्व में वापसी कर दी है। नेपाली हाथियों के झुंड ने माला रेंज के गांव मरौरी में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने पांच एकड़ गन्ने की फसल को रौंदा दिया। हाथियों के आने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है तो अधिकारियों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। हाथियों को खदेड़ने के लिए माला और महोफ रेंज में चार चार टीमों को लगाया गया। शाम तक हाथी माला रेंज में ही डेरा जमाए हुए थे।
बराही रेंज से महोफ होते हुए नेपाली हाथियों का झुंड बीते कई दिनों से बॉर्डर क्षेत्र में सुरई रेंज में डेरा जमाए हुए था। दोनों राज्यों के वन कर्मी निगरानी में लगे थे और उनको खदेड़ने की कोशिश की जा रही थी, मगर रविवार की रात हाथियों के झुंड ने महोफ रेंज में घुसकर माला रेंज के गांव मरौरी गांव में आबादी के बीच पहुंच गए और रात भर हाथियों ने खेतों में लहराती हुई फसल को रौंदा डाला। जानकारी होने पर ग्रामीण शोर और पटाखे दाग कर हाथियों को भागने का प्रयास किया। सोमवार सुबह मामले की सूचना मिलने पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे और पदचिंहों को देखा। बताया कि हाथी अब माला रेंज में हैं। रात में हाथियों ने घेरा गांव निवासी किसान रतन सिंह का एक एकड़, गुरसेवक का एक एकड़, महताब सिंह का आधा एकड़, गुरदीप सिंह का आधा एकड़ और नंदकिशोर की दो एकड़ खड़ी गन्ना की फसल को रौंद दिया है। हाथियों की आमद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। माला रेंजर रामजी ने बताया की हाथियों का झुंड बरौली गांव पहुंच गया था। ग्रामीणों ने पटाखे चलाए तो वह वापस जंगल की तरफ आ गए। लगातार निगरानी की जा रही है और उन्हें भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड से करीब दस हाथियों का झुंड लौटा है। माला रेंज में डेरा जमाए हुए हैं और रात में गांव में फसलों को रौंदा है। महोफ और माला रेंज की टीमों को लगाया गया ताकि खदेड़ा जा सके। - नवीन खंडेलवाल, डीडी