पीलीभीत। तेजाब फेंकने से झुलसे पीड़िता के माता-पिता को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आधा घंटा तड़पना पड़ा, तब जाकर उनका इलाज हुआ। रात दो बजे के करीब तेजाब फेंका गया। पीड़ित के सगे भाई ने बताया है कि वह अपने भाई और उनकी भाभी को झुलसी हुई अवस्था में रविवार रात 3.35 बजे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एंबुलेंस से उतारने का काम भी खुद किया।
इसमें एंबुलेंस से स्टाफ ने सहयोग दिया लेकिन जिला अस्पताल में आधा घंटे तक उपचार ही शुरू नहीं हुआ। उन्होंने अपने भाई को तड़पते हुए देखा तो रहा नहीं गया और वीडियो बनाने लगे। जब मुझे वीडियो बनाते हुए देखा तो एक चिकित्साकर्मी आया और उसने रोका। इसके कुछ देर बाद डॉक्टर आए। तब भाई को और उसकी भाभी की मरहम पट्टी शुरू हुई।