पूरनपुर। यूक्रेन के खारकीव में फंसे एमबीबीएस के छात्र हैदर खां ने बुधवार को कड़ाके की ठंड में पूरी रात पोलैंड बॉर्डर पर जागकर काटी। तब बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे उसे पोलैंड में प्रवेश मिल सका। वहीं बेटे की चिंता में पूरी रात उसके परिजन नहीं सो सके।
मोहल्ला साहूकारा निवासी राइस मिलर अजीम खां का बेटा हैदर खां यूक्रेन में चल रहे युद्ध में फंसा था। यूक्रेन से निकलने को उसने कई किलोमीटर पैदल, ट्रेन और बस से यात्रा की। वह बुधवार को पोलैंड बॉर्डर पहुंच गया। मगर पोलैंड में उसे नहीं घुसने दिया गया। पूरी रात अपने करीब 35 साथियों के साथ हैदर पोलैंड बॉर्डर पर रहा। माइनस 10 डिग्री सेल्सिस के तापमान में जागता रहा। इस दौरान उसने कई बार घर वालों से व्हाट्सएप पर कॉल कर बात की। अजीम खां ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे जांच की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे पोलैंड में प्रवेश दिया गया। देश आने को उससे पंजीकरण कराने को कहा गया। बृहस्पतिवार शाम तक पंजीकरण नहीं हो पाया। पंजीकरण की औपचारिकता पूरी होने के बाद उसे भारत आने को फ्लाइट मिलेगी।