उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी नहीं सुनेंगे तो सीधे मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक मांगों को लेकर जाया जाएगा। साथ ही कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर विधायकों व सांसद के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अभिषेक अग्रवाल, अभिनेब सिंह, रजत कुमार, अतुल अग्रवाल, प्रयांश अग्रवाल,अंकुर अग्रवाल, विजय यादव, अंकुश अरोरा, दीपांशू अग्रवाल, गौरव, हैप्पी, नीरज श्रीवास्तव, रचित, राजेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
ये हैं व्यापारियों की मांगें
व्यापारियों के 13 सूत्री मांगपत्र में मुख्य रूप से लंबे समय से जिले में डटे अधिकारियों का स्थानांतरण नीति के तहत तबादला करने, विकास कार्य में आड़े आने वाले अधिकारियों को हटाने, ललौरीखेड़ा व अन्य औद्योगिक स्थानों में खाली शेड व भूखंड का आवंटन करने, पालिका की खाली पड़ी जमीन पर नई दुकानों का निर्माण एवं आवंटन करने, पुराने बाजारों का सौंदर्यीकरण करने, शहर का ट्रैफिक सुधारने, रेहड़ी पटरी व्यापारियों के लिए सम्मानपूर्वक स्थान सुनिश्चित किए जाने की मांग शामिल है।
पीपे बजाकर जताया विरोध
व्यापारियों ने विरोध को लेकर नया तरीका अपनाया। उन्होंने बाजार में पीपे बजाकर प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी व्यापारियों व आम जनता की आवाज सुन ही नहीं रहे हैं, भ्रष्टाचार का बोलबाला है इसलिए उन्हें सुनाने के लिए यह तरीका अपनाया गया और भ्रष्टाचार का पुतला फूंका गया।