कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। जंगल और उसके बाहरी क्षेत्रों में बाघों की चहलकदमी हो रही है। माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग पर सोमवार की रात चार शावकों के साथ एक बाघिन देखी गई। इससे बाघों की संख्या बढ़ने की बात को बल मिल रहा है।
रम्पुरा निवासी निर्विकार सिंह सोमवार को देर रात अपने परिवार के साथ पीलीभीत- माधोटांडा मार्ग से गांव वापस लौट रहे थे। इस दौरान जंगल क्षेत्र में अचानक एक बाघिन अपने चार शावकों के साथ जंगल से बाहर निकलकर मार्ग पर आ गई। निर्विकार सिंह ने रोशनी में बाघिन को देखते ही वाहन को दूर रोक लिया। बाघिन का परिवार रुकने के बजाय मार्ग पार कर दूसरी ओर जंगल क्षेत्र में निकल गया। पल भर के इस नजारे को निर्विकार सिंह ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। जंगल में बेहतर ग्रास लैंड के साथ नहरों का जाल भी फैला हुआ है। अनुकूल वातावरण के चलते बाघ और तेंदुओं के साथ अन्य वन्यजीवों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2014 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मात्र 28 बाघ हुआ करते थे, जो छह वर्ष के भीतर वर्ष 2020 में 65 हो गए थे। अब एक बाघिन और उसके चार शावक एक साथ देखे जाने से जाहिर हो रहा है कि बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है।
जिले में बाघ के आंकड़े
वर्ष संख्या
2014 28
2015 44
2018 65 से अधिक
जरूरी है जंगल में रोकी जाए घुसपैठ- वर्ष 2014 से 2020 तक बाघ की संख्या बढ़ने पर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल को टाइगर एक्स टू पुरस्कार से नवाजा गया था। यह दीगर बात है कि अपर्याप्त संसाधन के सहारे ही जंगल की सुरक्षा को संभाला जा रहा है। वहीं रेंज के जिम्मेदार बाघ और वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं। नतीजतन जंगल में अवैध घुसपैठ जारी रहती है।
पिछले दिनों बाघ गणना के लिए लगे कई कैमरे भी चोरी कर लिए गए। इस सबके बावजूद बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कितने बाघ बढ़े हैं, यह बात तो गणना के आंकड़े़ सामने आने पर ही पता लग सकेगी।
बाघों की गणना में लगे कैमरों में कैद हुई इंसानों की तस्वीर - पिछले दिनों एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना का कार्य हुआ था। इसके लिए समस्त रेंज क्षेत्रों में कैमरे लगाए गए थे। गणना के कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके, इसके लिए अफसरों ने निगरानी बरतने के निर्देश दिए थे।
लेकिन रेंज अफसरों की उदासीनता के चलते बराही समेत अन्य रेंज से कैमरे चोरी होने की घटनाएं होती रहीं। यह बात भी सामने आई कि जंगल में घुसपैठ हो रही है। सूत्रों की मानें तो कैमरों में कई इंसानों की तस्वीर भी कैद हुई है पर अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।