पीलीभीत। कोविड महामारी की पहली और दूसरी लहर के जख्म लंबे अरसे तक लोगों के जहन में ताजा रहेंगे। ऑक्सीजन न मिलने पर किसी ने अपना पिता खोया तो किसी ने बेटा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 193 लोगों की जान चली गई। हालांकि, कोविड की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुईं हैं।
जिले में चार ऑक्सीजन के प्लांट लग गए हैं। कोविड अस्पताल अब 203 बेड की सुविधा वाला हो गया है। जिले में लगो गए ऑक्सीजन के चारों प्लांट की क्षमता 1700 एलपीएम (लीटर पर मिनट) और जिला अस्पताल में 22 वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी पर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त हुईं। फिलहाल जिला कोरोना मुक्त है।
इस समय जिले में कोरोना का कोई केस नहीं है लेकिन कोरोना से बचाव के उपायों को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग मॉक ड्रिल करा रहा है। अधिकारी ऑक्सीजन प्लांट भी चेक कर रहे हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अपने इंतजाम ठीक करने में जुटा है।
तीन ऑक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल में, एक माधोटांडा में - तीन ऑक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल परिसर में लगाए गए हैं। प्रत्येक की क्षमता 500 एलपीएम है। इसके अलावा एक प्लांट माधोटांडा सीएचसी पर लगाया गया। इसकी क्षमता 200 एलपीएम है। जिले में नौ सीएचसी हैं। प्रत्येक पर 30 बेड की सुविधा है।
28 पीएचसी हैं, यहां बेड की सुविधा कम हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर भी पर्याप्त मात्रा में मंगाए गए हैं। जिला कोविड अस्पताल में 203 बेड की सुविधा है। दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल में 22 वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
कोविड सैंपल की जांच भी शुरू - दूसरी लहर तक कोविड सैंपल की जांच जिले में नहीं होती थी। सैंपल बाहर भेजे जाते थे। तीसरी लहर के दौरान जिला महिला अस्पताल में एक लैब शुरू की गई। हालांकि इसकी क्षमता कम है। सौ से कम सैंपल की जांच हो पाती है। लेकिन उम्मीद है कि भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ेगी और कोविड के सैंपलों की जांच हो सकेेगी।
अब रेडीमेड वार्ड बनना शुरू - विदेशों की तर्ज पर अपने यहां भी अस्पतालों में रेडिमेड वार्ड बनना शुरू हो गया है। इसमें मरीज के लिए हर आवश्यक चीज होगी। रेडिमेड वार्ड होने से सीएचसी और पीएचसी पर बेड की संख्या में इजाफा हो जाएगा। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछ सीएचसी और पीएचसी पर जल्द रेडिमेड वार्ड तैयार हो जाएंगे।
व्यवस्थाएं दुरुस्त हुईं तो तीसरी लहर में कम रहा असर - कोविड की दूसरी लहर के बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं। इसका फायदा तीसरी लहर में देखने को मिला। जनवरी 2022 में पहला केस मिला था और मार्च आते आते जिला कोविड मुक्त हो गया।
इस वर्ष अब तक कोविड के 1905 केस मिले। हालांकि नौ लोगों की जान भी गई। लेकिन फिलहाल एक भी केस नहीं है। व्यवस्थाओं की बात करें तो ऑक्सीजन प्लांट संचालित हैं। सीएचसी और पीएचसी पर ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था चेक की जा रही है। ताकि जरूरत पर कोई दिक्कत न आए।
‘कोविड की दूसरी लहर के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहुत बेहतर हुईं हैं। जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट लगे। जिला अस्पताल में 22 वेंटिलेटर की सुविधा भी है। कोविड की चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है।’ - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ